परिजनों के साथ उत्कर्ष मिश्रा
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19 लाख का पैकेज छोड़ा, पांचवें प्रयास में उत्कर्ष को मिली सफलता
जीजीआईसी के होलिका मंदिर के पास रहने वाले उत्कर्ष मिश्रा ने यूपीएससी 2025 की परीक्षा में 337वीं रैंक प्राप्त की है। उनका यह पांचवां प्रयास रहा। अपने परिवार से यूपीएससी की परीक्षा पास करने वाले वह पहले व्यक्ति हैं। वह बताते हैं कि आईआईटी कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग के बाद इंडियन ऑयल कंपनी में जॉब कर रहे थे। इस दौरान कई अधिकारियों के साथ मुंबई व हैदराबाद कार्य करने का अवसर मिला, तब लगा कि लोगों के साथ और जुड़कर काम करना चाहिए। तब से यूपीएससी को अपना लक्ष्य बना लिया। उन्होंने 19 लाख का पैकेज छोड़कर 2021 से तैयारी करनी शुरू की। चार बार असफल हुए, मगर हार नहीं मानी।
उन्होंने बताया कि पिता चंद्रेश कुमार मिश्रा घर के पास ही कोचिंग पढ़ाते हैं। घर में हमेशा पठन-पाठन का माहौल मिला। मां गृहिणी हैं। भाई आईआईटी कानपुर से इंजीनियरिंग करने के बाद एक निजी कंपनी में सिविल इंजीनियर हैं। उन्होंने बताया कि सबसे मुश्किल मुख्य परीक्षा रही। इसमें उत्तर लेखन में कठिनाई आई। ऑनलाइन ही तैयारी की। अभी इस रैंक से संतुष्ट नहीं हूं। आगे रैंक बढ़ाने के लिए भी और प्रयास करूंगा।
रिछा के मिनहाज को 513वीं रैंक
रिछा कस्बे के रहने वाले मिनहाज शकील को 513वीं रैंक मिली है। उनके पिता एडवोकेट शकील गुरु बहेड़ी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे हैं। परिजनों ने बताया कि रिछा कस्बे से यूपीएससी उत्तीर्ण करने वाले मिनहाज पहले युवा हैं। उन्होंने पांचवीं कक्षा तक की पढ़ाई रिछा व बहेड़ी में ही की है। कक्षा छह से 11 तक की पढ़ाई अलीगढ़ से करने के बाद 12वीं की परीक्षा कोटा से उत्तीर्ण की है। उन्होंने आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग की। इसके बाद नौकरी छोड़कर यूपीएससी की तैयारी की।