महिला को पकड़कर ले जाती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
थाने में सीओ ने दर्ज किए बयान, वकीलों पर कराई थी धमकाने और केस वापस लेने का दबाव बनाने की रिपोर्ट
नवाबगंज। मारपीट के मामले में पति की पैरवी करने वाले तीन वकीलों के खिलाफ एफआईआर कराने के बाद भी कार्रवाई न होने से नाराज युवती नवजात बच्चे के साथ आत्मदाह करने तहसील पहुंची लेकिन तहसील चौराहे पर ही पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। थाने में सीओ ने उसके बयान दर्ज किए। युवती ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अब डीजीपी पोर्टल समेत बार काउंसिल ऑफ यूपी को ट्वीट किया है।
पीलीभीत जिले की एक युवती का विवाह नवाबगंज इलाके में एक युवक से हुआ था जिसके पिता तहसील में एक वकील के पास बतौर मुंशी काम करते हैं। कुछ दिनों पहले ससुराल में विवाद होने के बाद युवती ने पति और ससुराल वालों के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी जिसके बाद पुलिस ने तीन दिन पहले उसके पति को हिरासत में ले लिया था। इसके बाद तीन वकील युवती के पति की पैरवी में कोतवाली पहुंचे तो उसने उन पर भी छेड़छाड़ और धमकी देने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज करा दी। इसके बाद आरोपी वकीलों की गिरफ्तारी न होने पर सोमवार को बार कार्यालय के सामने आत्मदाह की धमकी भी दे दी।
युवती की धमकी के मद्देनजर सोमवार को बार सभागार के आसपास इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह पचौरी ने पुलिस के साथ पीएसी को भी तैनात कर दिया। बार अध्यक्ष रविंद्र पाल सिंह गंगवार के घर के बाहर भी फोर्स लगा दी गई। शाम चार बजे महिला को नवजात बच्चे के साथ बार सभागार जाते समय तहसील चौराहे पर पुलिस पकड़कर थाने ले आई जहां सीओ प्रभात कुमार वर्मा ने उसके बयान दर्ज किए।
बच्चे को रोता देख महिला दरोगा की जागी ममता
तपती दोपहरी में दो माह के बच्चे को लेकर पुलिस से जूझ रही महिला के गोद में बच्चे को रोता देख महिला दरोगा कोकिला सिंह खुद को रोक नहीं पाईं और बच्चे को गोद में ले लिया। महिला दरोगा की गोद में आते ही बच्चा चुप हो गया। महिला दरोगा बच्चे को गोद में लेकर थाने ले आईं।
विवाहिता अपने परिजन के साथ अपने मुकदमे की जानकारी लेने आई थी। पुलिस जांच कर रही है। साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - सुरेंद्र सिंह पचौरी, कोतवाल नवाबगंज