कड़े नियम के तहत भूमि का चयन करना था मुश्किल
शासन की ओर से स्कूल निर्माण के लिए भेजे गए निर्देशों के तहत भूमि का चयन करना आसान नहीं था। नियमों के तहत 5 से 10 एकड़ की भूमि होनी चाहिए थी, जो निशुल्क हो। इसके अलावा भूमि जिला मुख्यालय व तहसील मुख्यालय के पास होना अनिवार्य था। वहीं भूमि का जहां पर चयन किया गया हो, वहां से राष्ट्रीय व राज्य राजमार्ग समीप हो। ताकि विद्यालय के आवागमन का रास्ता सुगम हो। वहीं भूमि लो-लैंड एरिया में नहीं होने का भी नियम तय था।
बीएसए संजय सिंह ने बताया कि भूमि का चयन मानकों के अनुरूप भोजीपुरा के भैरपुर खजुरिया में किया गया है। अब इसमें आगे की कार्रवाई के लिए कार्यदायी संस्थाओं को चयनित कर शासन स्तर पर ही इसका निर्माण कराया जाएगा।