चंदौसी में फरारी काट रहा था केपी
रिठौरा का सभासद व हिस्ट्रीशीटर केपी यादव संभल जिले के चंदौसी में एक रिश्तेदार के यहां शरण लेकर वक्त काट रहा था। चर्चा है कि बरेली पुलिस ने मुखबिरों के दम पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। केपी को शरण देने वालों पर भी पुलिस कार्रवाई कर सकती है।
बताया जा रहा है केपी और सुभाष लोधी दोनों ही अपने गुर्गों और रिश्तेदारों के संपर्क में थे। दोनों इंटरनेट कॉल के जरिये अपने लोगों से बातचीत कर रहे थे। एक करीबी रिश्तेदार ने केपी को अपने यहां शरण दे रखी थी। केपी ने अपने कारनामों से कई दुश्मन बना लिए हैं।
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वहीं, कुछ दोस्त भी उसकी स्टाइल से जलन रखते हैं। इन्हीं में से किसी ने पुलिस को उसके बारे में सटीक सूचना दे दी। चर्चा है कि बरेली पुलिस ने चंदौसी पुलिस से समन्वय कर केपी को धर दबोचा और उसे यहां ले आई। अब पुलिस केपी व गोलीकांड के आरोपियों को शरण देने वालों पर कानूनी कार्रवाई कर सकती है।
हिस्ट्रीशीटर आबिद से मोर्चा लेकर चर्चा में आया था सुभाष लोधी
सुभाष लोधी सीबीगंज थाने के अटरिया गांव का निवासी है। उसके पड़ोस में भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष पूरनलाल लोधी का घर है। सुभाष उनके परिवार से ही जुड़ा है और उन्हीं के साथ भाजपा में कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय था। इस गांव के दूसरे हिस्ट्रीशीटर आबिद के खिलाफ करीब दो दर्जन से ज्यादा मुकदमे हैं।
पूरनलाल और सुभाष लोधी ने आबिद के खिलाफ शिकायतें कीं तो कुछ और मुकदमे उस पर दर्ज किए गए। आबिद पर तो पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, उल्टा पूरनलाल और सुभाष में तलवारें खिंच गईं। पूरनलाल ने सुभाष लोधी पर कई मुकदमे दर्ज कराए। इस समय सुभाष पर करीब दस मुकदमे दर्ज हैं। फायरिंग मामले में होटल की सीसीटीवी फुटेज में सुभाष दिखाई दिया था।