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बरेलीः एसपी देहात के मनाने पर भी गांव नहीं लौटे परिवार

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दसीपुर गांव में विक्रम यादव के घरपर तैनात पुलिस घर के कमरों में पडा ताला। - फोटो : अमर उजाला, बरेली
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गांव दसीपुर से दो परिवारों के पलायन का मामला

बिशारतगंज (बरेली)। दसीपुर गांव से दो परिवारों के 22 लोगों के पलायन का मामला गर्मा गया है। पलायन के पीछे होमगार्ड के हत्यारोपी बेटों का आतंक और फैसले के लिए धमकाने की वजह बताए जाने से पुलिस प्रशासन में हड़कंप है। एसपी देहात ने गांव पहुंचकर एक परिवार के मुखिया समेत दूसरे लोगों को मनाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन वे गांव लौटने को तौयार नहीं हुए। उनकी एसएसपी से भी फोन पर बात कराई गई, लेकिन दोनों परिवारों के लोगों ने जान को खतरा बताकर गांव लौटने से मना कर दिया। हालांकि दोनों के घरों पर पुलिस तैैनात कर दी गई है। गांव के लोगों ने पुलिस से साफ कहा कि होमगार्ड के बेटों का गांव में आतंक है। इसके बाद पुलिस ने एक बेटे का शांतिभंग में चालान कर दिया।
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गांव दसीपुर निवासी विक्रम यादव के 15 वर्षीय पुत्र दीपक की पिछले साल होली के दिन हत्या कर दी गई थी। विक्रम ने होमगार्ड नन्हे यादव के बेटे कुलदीप और विजनेश पर हत्या का शक जताकर तहरीर दी थी। तीन महीने बाद 20 जून को पुलिस ने दीपक हत्याकांड का खुलासा कर दिया। हत्या की वजह प्रेमप्रसंग बताया गया। इस मामले में कुलदीप और विजनेश के अलावा होमगार्ड के कुनबे के नंदन तथा सत्यवीर जेल भेजे गए। नवंबर में आरोपी जमानत पर आ गए। विक्रम का आरोप है कि जमानत पर छूटने के बाद से आरोपी पक्ष फैसले का दबाव बना रहा है। फैसला न करने पर अंजाम भुगतने की धमकी दे रहा है, इससे मजबूर होकर उन्हें परिवार और पशुओं के साथ गांव छोड़ना पड़ा है।
शुक्रवार रात एसपी देहात डॉ. संसार सिंह गांव पहुंचे। उन्होंने गांव छोड़कर गए परिवार के कुनबे के लोगों से बात की और उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया। मोबाइल पर एसएसपी से भी बात कराई, लेकिन पलायन कर गए लोग गांव लौटने को तैयार नहीं हुए। हालांकि एसपी देहात के निर्देश पर विक्रम के खाली पड़े घर पर दो पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। पुलिस ने होमगार्ड के बेटे कुलदीप को रात में ही पकड़ लिया। शनिवार को शांतिभंग में उसका टालान कर दिया। सुबह विक्रम बचा सामान भी अपने घर से ले गए। संयुक्त परिवार में उनके बडे़ भाई रामपाल और उनकी पत्नी विरमा देवी ही गांव में बची हैं। एसपी देहात के सामने ग्रामीणों ने होमगार्ड के बेटों पर गांव में आतंक का माहौल बनाने का आरोप लगाया। कहा, इन पर कार्रवाई न हुई तो गांव से और भी परिवार पलायन कर जाएंगे।

एसपी देहात बोले- कोई नहीं छोड़ेगा गांव

एसपी देहात का कहना है कि उन्होंने गांव के लोगों और दोनों परिवारों से बात की है। यह बात भी सामने आई है कि आज तक किसी परिवार ने थाना या चौकी पर कोई शिकायत नहीं की थी। विक्रम के शहर से सटे चनेहटी में नए घर में शिफ्ट होने के बाद पलायन की बात को योजनाबद्ध तरीके से तूल दिया गया है। पुलिस जेल से छूटे चारों आरोपियों की जमानत निरस्त कराने को पैरवी करेगी। आरोपियों को जेल भेजा जाएगा। होमगार्ड की ड्यूटी भी इस थाने में नहीं लगाई जाएगी। दोनों परिवारों को सुरक्षा प्रदान की जाएगी। दोनों परिवारों से बात हुई है, कोई गांव नहीं छोड़ेगा।

प्रधान बोले- लोगों को समझा रहे हैं

ग्राम प्रधान महाराज सिंह यादव का कहना है कि पलायन की खबर सुनकर उन्होंने भी विक्रम और त्रिमल को समझाया था। गांव छोड़कर जाना उचित नहीं है। यदि कोई समस्या है तो समाधान करने को अधिकारी भी तैयार हैं।
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होमगार्ड ने कहा- मेरे बेटों को फंसाया गया

होमगार्ड नन्हे यादव का कहना है कि उसके दोनों बेटों को साजिशन हत्या में फंसाया गया था। इसमें त्रिमल की भी भूमिका रही थी। कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए विक्रम के गांव से जाने के मामले को तूल दे रहे है। उसने तो खुद विक्रम के पास गांव से न जाने की खबर भिजवाई थी। नन्हे ने फैसले के लिए दबाव बनाने के आरोप को निराधार बताया। उधर, गांव के उल्फत यादव ने शनिवार को थाने में तहरीर दी, इसमें त्रिमल से जमीन संबंधी विवाद चल रहे होने का जिक्र करते हुए जान को खतरा बताया गया है।
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