विकास कार्यों के मोर्चे पर बरेली मंडल फिर पिछड़ता दिख रहा है। सड़क, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल, उद्योग एवं विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में फरवरी तक हुई प्रगति के आधार पर कार्यक्रम कार्यान्वयन विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट में बरेली जिले की रैंकिंग 69 आई है। यह रैंकिंग बुंदेलखंड के जिलों से भी खराब है जबकि मंडल के अन्य जिलों की रैंकिंग बरेली से ज्यादा है।
मार्च में जारी हुई रैंकिंग में बरेली मंडल पूरे प्रदेश में दसवें नंबर पर पहुंच गया है, जबकि बुंदेलखंड के झांसी मंडल की रैंकिंग पांच है, लेकिन जिलों की रैंकिंग की बात करें तो बरेली जिले को मंडल के अन्य जिलों ने भी पछाड़ दिया है। शाहजहांपुर की रैंकिंग 12, पीलीभीत की 23 और बदायूं की 56 रही है, जबकि बरेली 69वें स्थान पर है। इससे साबित होता है बरेली की अपेक्षा मंडल के अन्य जिलों के अधिकारी शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर ज्यादा गंभीर हैं। माना जा रहा है कि रैंकिंग में पिछड़ने का कारण प्रधानमंत्री आवास योजना, ओडीएफ और पेंशन समेत वे कल्याणकारी योजनाएं हैं, जिन्हें अधिकारी आम आदमी तक नहीं पहुंचा सके। सारी कवायद सिर्फ बैठकों और कागजी कार्रवाई तक ही सीमित रही। हालात यह रहे कि शासन की नौ योजनाओं पर यहां कोई काम नहीं किया गया। इसके चलते बरेली को 680 अंक की समीक्षा में सिर्फ 432 अंक ही हासिल हुए।
पड़ोसी जिले भी आगे निकले
मंडल की रैंकिंग में मुरादाबाद मंडल ने तीसरी रैंक हासिल की है। इसी तरह जिलों की रैंकिंग में मुरादाबाद मंडल के जिला रामपुर की रैंक सात आई है। अमरोहा की 15 और मुरादाबाद जिले की रैंक 19 है।
फैक्ट फाइल
जिला कुल कार्यक्रम लागू कार्यक्रम प्राप्तांक पूर्णांक रैंकिंग
शाहजहांपुर 136 129 502 685 12
पीलीभीत 136 127 477 670 23
बदायूं 136 128 446 685 56
बरेली 136 127 432 680 69