बरेली जिले के 65 फीसदी लोगों पर कोरोना का खतरा मंडरा रहा है। अक्तूबर से ही स्वास्थ्य विभाग के पास कोविशील्ड व कोवैक्सीन नहीं है। यही नहीं किशोरों व बच्चों का टीकाकरण भी पूर्ण नहीं हो पाया है। इस दौरान जिम्मेदार भी चैन की नींद सोते रहे। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी डिमांड भेजना भी जरूरी नहीं समझा। शासन से अलर्ट जारी होने के बाद उन्हें इसकी याद आई है। अब आननफानन वैक्सीन की डिमांड भेजी गई है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिले में 30,49,395 लोगों को बूस्टर डोज लगनी थी। अब तक सिर्फ 10,80,170 लोगों ही इसे लगाया गया है। डॉ. विनोद पागरानी कहते हैं कि बूस्टर शब्द का मतलब वैक्सीनेशन के बाद दिए जाने वाले टीके से है। बुजुर्गों या कमजोर इम्यून सिस्टम वालों के लिए बूस्टर डोज रामबाण हो सकता है।
कोविशील्ड और कोवैक्सीन की कोई भी डोज जिले में मौजूद नहीं है। अलर्ट जारी होने के बाद मुख्यालय से वैक्सीन की मांग की गई है।
- डॉ. बलवीर सिंह, सीएमओ
जिले में वैक्सीनेशन की स्थिति
कैटेगरी प्रथम डोज द्वितीय डोज फीसदी
18 से 44 साल 23,01,712 22,67,023 104
15 से 17 साल 3,17,766 2,82,334 90
12 से 14 साल 1,96,551 1,77,365 94