फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly Corona: ढाई माह से नहीं एहतियाती खुराक 65 फीसदी पर कोरोना का खतरा, अलर्ट जारी होने के बाद जागा विभाग

Mon, 26 Dec 2022 01:10 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिले में 30,49,395 लोगों को बूस्टर डोज लगनी थी। अब तक सिर्फ 10,80,170 लोगों ही इसे लगाया गया है। डॉ. विनोद पागरानी कहते हैं कि बूस्टर शब्द का मतलब वैक्सीनेशन के बाद दिए जाने वाले टीके से है। बुजुर्गों या कमजोर इम्यून सिस्टम वालों के लिए बूस्टर डोज रामबाण हो सकता है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बरेली जिले के 65 फीसदी लोगों पर कोरोना का खतरा मंडरा रहा है। अक्तूबर से ही स्वास्थ्य विभाग के पास कोविशील्ड व कोवैक्सीन नहीं है। यही नहीं किशोरों व बच्चों का टीकाकरण भी पूर्ण नहीं हो पाया है। इस दौरान जिम्मेदार भी चैन की नींद सोते रहे। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी डिमांड भेजना भी जरूरी नहीं समझा। शासन से अलर्ट जारी होने के बाद उन्हें इसकी याद आई है। अब आननफानन  वैक्सीन की डिमांड भेजी गई है।
विज्ञापन


स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिले में 30,49,395 लोगों को बूस्टर डोज लगनी थी। अब तक सिर्फ 10,80,170 लोगों ही इसे लगाया गया है। डॉ. विनोद पागरानी कहते हैं कि बूस्टर शब्द का मतलब वैक्सीनेशन के बाद दिए जाने वाले टीके से है। बुजुर्गों या कमजोर इम्यून सिस्टम वालों के लिए बूस्टर डोज रामबाण हो सकता है।

कोविशील्ड और कोवैक्सीन की कोई भी डोज जिले में मौजूद नहीं है। अलर्ट जारी होने के बाद मुख्यालय से वैक्सीन की मांग की गई है।
- डॉ. बलवीर सिंह, सीएमओ

जिले में वैक्सीनेशन की स्थिति
कैटेगरी                      प्रथम डोज         द्वितीय डोज      फीसदी
विज्ञापन

18 से 44 साल           23,01,712        22,67,023       104
15 से 17 साल           3,17,766          2,82,334         90
12 से 14 साल           1,96,551          1,77,365         94
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग का दावा, तैयार हैं हम

सीएमओ डॉ. बलवीर सिंह ने बताया कि विकास भवन में सर्विलांस सेल गठित कर दी गई है। कलक्ट्रेट में इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर भी संचालित है। ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर रैपिड रेस्पांस टीमों को सक्रिय कर दिया है। संक्रमितों को भर्ती करने के लिए सरकारी कोविड चिकित्सालय में 300 बेड तैयार हैं। 24 निजी चिकित्सालयों में 1,925 बेड हैं। सरकारी अस्पतालों में 336 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और 159 वेंटीलेटर उपलब्ध हैं। 567 आईसीयू बेड हैं।

ऑक्सीजन प्लांट्स की स्थिति
अस्पताल                       क्षमता
तीन सौ बेड अस्पताल         1,000
बहेड़ी सीएचसी                333
मीरगंज सीएचसी               333
इफको आंवला                2,168
महिला अस्पताल               500
(नोट: उत्पादन क्षमता लीटर प्रति मिनट में।)

इन बातों का रखें ध्यान

- मास्क लगाएं व शारीरिक दूरी का पालन करें।
- हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखें, सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
- भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें।
- अंतरराष्ट्रीय यात्राओं को फिलहाल टाल दें।
- लक्षण महसूस होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
- टीकाकरण अवश्य कराएं।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें