बरेली कॉलेज में इस बार स्नातक प्रवेश के लिए कटऑफ पर्सेंटाइल के बजाय पर्सेंटेज के आधार पर जारी की गई है। इस बदलाव से विभिन्न बोर्डों के छात्रों में कटऑफ में पिछड़ने का डर है। स्नातक प्रवेश फॉर्म की कागजी प्रति जमा न होने से सत्यापन में भी संशय बना हुआ है।
प्रवेश प्रभारी एके सिंह ने बताया कि कॉलेज में राजस्थान, असम, केरल, उत्तर प्रदेश, सीबीएसई, आईसीएसई, उत्तराखंड और तकनीकी शिक्षा सहित 11 बोर्डों के विद्यार्थी प्रवेश के लिए आ रहे हैं। कॉलेज के पास हर बोर्ड के टॉपरों की जानकारी नहीं है, जिससे पर्सेंटाइल निकालना मुश्किल है।
उन्होंने कहा कि यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के टॉपरों के अंकों का अंतर अब न के बराबर रह गया है। दस साल पहले यह अंतर काफी अधिक था। इसलिए इस बार पर्सेंटेज के आधार पर ही कटऑफ जारी करने का निर्णय लिया गया है। सत्यापन के मुद्दे पर एके सिंह ने स्पष्ट किया कि यह समझौता ज्ञापन में शामिल है। प्रवेश एजेंसी इसे हर हाल में सुनिश्चित करेगी।
पांच विषयों को कटऑफ में मान्य किया गया
पहले प्रवेश काउंसलिंग में सर्वश्रेष्ठ स्कोर के पांच विषयों को कटऑफ में मान्य किया जाता था। इस बार इस व्यवस्था में बदलाव किया गया है। एके सिंह ने बताया कि अब विद्यार्थियों द्वारा चुने गए सभी विषयों को पूर्ण रूप से मान्य किया जाएगा। यदि किसी विद्यार्थी ने अतिरिक्त विषय को फॉर्म में शामिल नहीं किया है, तो उस पर विचार नहीं होगा। हालांकि, यदि अतिरिक्त विषय को पूरी फीसदी के साथ फॉर्म में शामिल किया गया है, तो उसे मान्य किया जाएगा।