बरेली। बरेली कॉलेज में प्राचार्य पद पर खुद से जूनियर डॉ. अनुराग की तैनाती से नाराज डॉ. पूर्णिमा अनिल ने बुधवार को क्षेत्रीय उच्चशिक्षा अधिकारी (आरएचईओ) डॉ. राजेश प्रकाश को भी अपना प्रत्यावेदन सौंप दिया। उन्होंने प्रत्यावेदन में कहा है कि वरिष्ठता क्रम के अनुसार प्राचार्य पद पर उनका हक है जो उन्हें दिलाया जाए। आरएचईओ अब इस पर प्राचार्य बने डॉ. अनुराग मोहन और सचिव देवमूर्ति से जवाब मांगेंगे।
बरेली कॉलेज में वरिष्ठता क्रम को दरकिनार कर प्रबंधन ने डॉ. अनुराग मोहन को प्राचार्य पद की जिम्मेदारी सौंपी है। डॉ. अनुराग को यह जिम्मेदारी निवर्तमान प्राचार्य डॉ. अजय कुमार शर्मा के रिटायरमेंट से दस दिन पहले अचानक ही सौंप दी गई, जिसको लेकर घमासान मचा हुआ है। अपनी वरिष्ठता की अनदेखी किए जाने को लेकर डॉ. पूर्णिमा अनिल खुलकर इसके विरोध में आ गई हैं। विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल, कॉलेज की मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष एवं डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह के बाद बुधवार को उन्होंने क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश प्रकाश से मुलाकात कर अपना प्रत्यावेदन सौंपा। उन्होेंने कहा है कि वह डॉ. अनुराग मोहन से वरिष्ठ हैं, फिर भी उनकी वरिष्ठता को दरकिनार कर डॉ. अनुराग मोहन को प्राचार्य बनाया गया है। वरिष्ठता के अनुसार प्राचार्य पद पर उनका हक है और यह उन्हें दिलाया जाए।
क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश प्रकाश ने बताया कि मामले की शिकायत डीएम से भी की जा चुकी है। लिहाजा वह प्राचार्य और सचिव को नोटिस जारी करके जवाब तलब करेंगे कि डॉ. पूर्णिमा अनिल की वरिष्ठता की अनदेखी क्यों की गई है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. अनुराग के खिलाफ फिर हुई शिकायत
छात्रनेता मोहित कुमार सिंह ने मानवाधिकार आयोग और अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के अध्यक्ष से डॉ. अनुराग मोहन और बरेली पुलिस को लेकर दोबारा शिकायत की है। मोहित ने आरोप लगाया था कि एससीएसटी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आयोग ने बरेली पुलिस को उनकी मदद के निर्देश दिए थे लेकिन यहां उल्टा हुआ है। डॉ. अनुराग मोहन के खिलाफ दर्ज कराए मुकदमे में पुलिस ने एफआर लगा दी है और अब उन्हें धमकियां मिल रही हैं।