बरेली। बरेली कॉलेज की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पूनम सिंह ने जिस चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मुकेश को अपने साथ हुई बदसलूकी और उत्पीड़न का गवाह बताया था, मंगलवार को उसने जांच कमेटी को ऐसे गोलमोल बयान दिए जिससे किसी निष्कर्ष पर पहुंचना मुश्किल हो गया। अब जांच कमेटी को आरोपों में घिरे डॉ. आरिफ नदीम के जवाब का इंतजार है। इस बीच उन तीन शिक्षकों को भी नोटिस जारी कर दिए गए हैं जिन्होंने इस प्रकरण की जांच करने से इनकार कर दिया था।
गणित विभाग की एसोसिएट डॉ. पूनम सिंह ने साथी शिक्षक डॉ. आरिफ नदीम पर अभद्रता और उत्पीड़न के आरोप लगाकर प्राचार्य डॉ. अजय कुमार शर्मा से शिकायत की थी। इस मामले की जांच डॉ. नसीम अख्तर, डॉ. वंदना शर्मा और डॉ. अनीता सिंह कर रही हैं। कमेटी के संयोजक डॉ. नसीम अख्तर ने बताया कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मुकेश ने अपने संक्षिप्त लिखित बयान दिए हैं लेकिन वे गोलमोल हैं। दो दिन में डॉ. आरिफ नदीम जवाब देंगे, तभी आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। वहीं, प्राचार्य डॉ. अजय कुमार शर्मा ने जांच कमेटी से हटने वाली डॉ. शुभ्रा कटारा, डॉ. नवनीत कौर और डॉ. सुषमा गौंडियाल को नोटिस जारी कर जांच से इनकार करने का कारण पूछा है।
फर्जी एडमिशन और समाजशास्त्र प्रकरण में आज शुरू होगी जांच
बरेली। एलएलबी में फर्जी एडमिशन के निरस्तीकरण संबंधी मामले में कार्रवाई की संस्तुति के लिए बुधवार को जांच कमेटी बैठेगी। इस कमेटी में डॉ. पूर्णिमा अनिल, डॉ. अनुराग मोहन और डॉ. संजीव सक्सेना को शामिल किया गया है। मंगलवार को डॉ. संजीव सक्सेना के अवकाश पर होने के चलते यह बैठक नहीं हो सकी थी। बता दें कि बरेली कॉलेज में फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट लगाकर एलएलबी में तीन एडमिशन हुए हैं। इनके निरस्तीकरण पर निर्णय लेने के लिए यह कमेटी गठित की गई है। वहीं, समाजशास्त्र विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. उमाचरन गंगवार और छात्रा के आरोपों की जांच के लिए भी बुधवार को कमेटी बैठेगी। इस कमेटी में डॉ. पूर्णिमा अनिल, डॉ. नवनीत कौर आहूजा और डॉ. एसी त्रिपाठी को नामित किया गया है। इस मामले में छात्रा ने डॉ. उमाचरन पर मजाक बनवाने और मोबाइल तोड़ने का आरोप लगाया है। वहीं, डॉ. उमाचरन ने छात्रा पर नियमविरुद्ध एडमिशन लेने और खुद को फंसते देखकर यह साजिश रचने का आरोप लगाया है।