बरेली। विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा में गुरुवार को बरेली कॉलेज में करीब 16 हजार छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी। तीन पालियों में आयोजित इस परीक्षा में पहली पारी में पांच हजार, दूसरी पाली में छह हजार और तीसरी पाली मेें पांच हजार परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण अफरा-तफरी मची रही। छात्र परीक्षा कक्ष ढूंढने के लिए परेशान होते रहे।
गुरुवार को छात्रों की अधिक संख्या देखते हुए सुबह साढ़े पांच बजे से ही इन्हें लाइन मेें लगाकर इनकी चेकिंग शुरू कर दी गई। परीक्षा शुरू होने से कुछ देर पहले तक यह चेकिंग चली। जिसके चलते कालेज गेट से अपने परीक्षा कक्ष तक पहुंचने को लेकर कई छात्र-छात्राएं परेशान होते दिखे। इसी तरह परीक्षा समाप्त होने के बाद भी परीक्षार्थियों कालेज से बाहर आते वक्त अफरातफरी का सामना करना पड़ा। खासकर कॉलेज के पार्किंग एरिया में गाड़ियों को निकालने और जल्दी जाने की होड़ में स्टूडेंट्स परेशान रहे। चीफ प्राक्टर वंदना शर्मा ने बताया कि परीक्षा समिति की ओर से अतिरिक्त कमरों की व्यवस्था कर ली गई थी। वहीं, पुलिस और ट्रैफिक पुलिस को पहले ही सूचना दे दी गई थी। कैंपस के अंदर और बाहर कोई अव्यवस्था नहीं होने दी गई।
अवैध रूप से छात्रों को परीक्षा में बैठाने की जांच शुरू
बरेली कॉलेज प्रशासन ने सोमवार को विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा के दौरान दो छात्रों को अवैध रूप से परीक्षा कक्ष में बैठाने और उनसे परीक्षा दिलाने के मामले की जांच कमेटी बना दी है। प्राचार्य अनुराग मोहन ने पांच सदस्यीय कमेटी का गठन कर एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट मांगी है। कमेटी में बरेली कालेज के परीक्षा नियंत्रक राजीव मेहरोत्रा, चीफ प्राक्टर डॉ. वंदना शर्मा, डॉ. मनमीत कौर, डॉ. आलोक खरे व डॉ. राकेश आजाद को शामिल किया है।