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Alankar Agnihotri: नहीं हुआ इस्तीफा मंजूर...भय में छोड़ा आवास, जाएंगे HC: पहले प्रयास में किया था UP PCS पास

Mon, 26 Jan 2026 10:30 PM IST
राहुल तिवारी अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने बरेली आवास छोड़ने की बात कही है। उन्होंने कारण भय और असुरक्षा बताया। उन्होंने डीएम द्वारा बंधक बनाए जाने का आरोप दोहराया और हाईकोर्ट जाने का संकेत दिया। सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री संघर्षपूर्ण जीवन के बावजूद उन्होंने पहले प्रयास में यूपीपीसीएस परीक्षा पास की और डिप्टी कलेक्टर बनकर सफलता हासिल की। 
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सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने छोड़ा आवास - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि बरेली वासियों का प्यार ले जाएंगे। आवास तो आते-जाते रहेंगे। यह आवास मजबूरी में छोड़ना पड़ रहा है। क्योंकि यहां भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। उन्होंने डीएम आवास पर बंधक बनाए जाने का आरोप दोहराया। कहा कि कौन ऐसा व्यक्ति था कि जिसने जिलाधिकारी से फोन पर मेरे लिए अपशब्द बोले। मुझे रातभर बंधक बनाने की बात कही। डीएम से यह सवाल पूछना चाहिए। इस्तीफा अभी मंजूर नहीं हुआ, इस सवाल पर कहा कि वह हाईकोर्ट तक जाएंगे। यह उनका अधिकार है।

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पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने भले ही सिटी मजिस्ट्रेट के पद से इस्तीफा दे दिया हो, पर उनका जीवन संघर्षों से भरा रहा है। करीब 10 साल की अवस्था में ही उनके पिता का निधन हो गया था। सिर से पिता का साया उठने के बाद अलंकार तमाम बाधाओं से जूझते हुए सिविल सेवा की तैयारी की थी और पहले ही प्रयास में यूपीपीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर ली थी।

इसी के साथ वह डिप्टी कलेक्टर बन गए थे। इससे पूर्व उन्होंने अपने छोटे भाई, बहनों के लिए प्राइवेट नौकरी भी की थी। भाई-बहनों के अपने पैरों पर खड़े होने के बाद उन्होंने प्राइवेट नौकरी छोड़कर पीसीएस की तैयारी की और पहली बार में ही सफलता हासिल की।

अलंकार अग्निहोत्री मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले हैं। उनके जीवन का संघर्ष कम उम्र में ही शुरू हो गया था। जब वे साढ़े दस वर्ष के थे, तभी उनके पिता का देहांत हो गया। घर के सबसे बड़े बेटे होने के नाते उन पर जिम्मेदारियों का बड़ा बोझ था। उनकी माता गीता अग्निहोत्री ने कठिन परिस्थितियों में भी उनकी परवरिश और शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी।
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पिता के निधन के बाद परिवार का रखा पूरा ध्यान
सिटी मजिस्ट्रेट के पद से इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्निहोत्री ने पिता की मौत के बाद अपने करियर के साथ ही पूरे परिवार का ध्यान रखा। उन्होंने कानपुर में ही 12वीं तक की पढ़ाई की। वह पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी रहे। यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में उन्होंने प्रदेश में 21वां स्थान प्राप्त किया था। इसके बाद उन्होंने आईआईटी-बीएचयू से मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में बी-टेक किया था। इसके बाद सिविल सेवा में जाना चाहते थे। लेकिन परिवार की जिम्मेदारियों को देखते हुए आईटी कंपनी में कंसल्टेंट की नौकरी ज्वाइन की।

अलंकार की सफलता के पीछे संघर्ष की लंबी कहानी
अलंकार अग्निहोत्री की सफलता के पीछे एक लंबी कहानी है। वह अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां और पत्नी आस्था मिश्रा को देते हैं। उन्होंने बताया था कि एक विवाहित व्यक्ति के लिए नौकरी छोड़कर तैयारी करना जोखिम भरा था, इसलिए उन्होंने एक साल की पगार बचाकर रुपए इकट्ठा किए थे, ताकि अगले 2-3 साल तक परिवार को आर्थिक समस्या का सामना न करना पड़े।

अलंकार अग्निहोत्री के बारे में और भी जानें 
  • यूपी पीसीएस परीक्षा में कानपुर के अलंकार अग्निहोत्री ने 15वीं रैक हासिल की थी।
  • अलंकार ने पहले ही प्रयास में पास कर ली थी यूपी पीसीएस परीक्षा। 
  • अलंकार ने यूपीपीएससी की तैयारी से पहले 10 साल तक आईटी सेक्टर में कन्सल्टेंसी की जॉब भी की। 
  • वर्ष 1998 में यूपी बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में अलंकार को 21वां स्थान मिला था। 
  • 12वीं पास करने के बाद अलंकार अग्निहोत्री ने बनारस विश्वविद्यालय से बीटेक किया और नौकरी करने लगे थे। 
  • वर्ष 2014 में जब अलंकार के सभी छोटे भाई-बहन सक्षम हो गए और बहन की शादी हो गई, तब प्राइवेट नौकरी छोड़कर यूपीपीसीएस की तैयारी शुरू की थी।
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