इंटरनेट पर खोजा डॉक्टर का नंबर, खाते से उड़ गई रकम
बच्चे की तबीयत खराब होने पर महिला ने डॉक्टर के यहां पर्चे का नंबर लगाने के लिए इंटरनेट पर नंबर खोजकर कॉल कर ली। इसके बाद महिला का फोन हैक कर खाते से रकम उड़ा दी गई। इज्जतनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
इज्जतनगर क्षेत्र के द्वारिका पुरम निवासी रीना श्रीवास्तव के बेटे की तबीयत खराब हो गई थी। रीना ने इज्जतनगर थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह को बताया कि लोगों ने उनको बेटे का इलाज स्टेशन रोड स्थित बाल रोग विशेषज्ञ से कराने की सलाह दी। उन्होंने डॉक्टर या उनके क्लीनिक का नंबर इंटरनेट पर खोजा।
यहां से मिले नंबर पर संपर्क किया तो दूसरी ओर से अनजान युवक ने एक लिंक भेजकर इसी पर ऑनलाइन अपना नंबर बुक करने के लिए कहा। रीना ने बताया कि उन्होंने जैसे ही यह लिंक खोला तो उनका फोन हैक हो गया। इसके बाद साइबर ठगों ने रीना के खाते से एक बार में 20,600 और दूसरी बार में 4,999 रुपये निकाल लिए।
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने रीना की शिकायत पर इसमें से 20,600 रुपये की रकम फ्रीज करा दी। थाना प्रभारी ने बताया कि महिला के खाते से रुपये उड़ाने वालों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है।
नवाबगंज के युवक से भी साइबर ठगी
नवाबगंज निवासी यूनुस भी साइबर ठगों के झांसे में आ गए। इंस्पेक्टर नीरज सिंह को बताया कि ठगों ने कई बार में उसके खाते से करीब 59,0000 रुपये निकाल लिए। यूनुस ने भी साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। बताया है कि उनके पास न कोई कॉल, न मेसेज और न ही ओटीपी आया, फिर भी उनका खाता खाली कर दिया गया। साइबर थाना पुलिस इसकी जांच कर रही है।
ये बरतें सावधानी
- फिजूल के एप डाउनलोड करने से बचें।
- किसी को आधारकार्ड या पैनकार्ड न भेजें।
- किसी नए लिंक पर क्लिक न करें, आपकी निजी जानकारी ठगों को मिल सकती है।
- किसी ऑफर या इनाम के झांसे में न आएं।
- किसी को ओटीपी न बताएं, बैंक संबंधी डिटेल न दें।
- रात में सोते वक्त मोबाइल पर इंटरनेट बंद करना भी ठगी से बचाता है।
- सोशल मीडिया अकाउंट पर प्राइवेसी लगाकर रखें।
- ठगी होते ही 1930 टोल फ्री नंबर पर कॉल करें।
- ठगी का पता चलते ही तत्काल cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।