बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में रुहेलखंड टीचर्स एसोसिएशन (रूटा) के विरोध के बीच सोमवार से मूल्यांकन का कार्य शुरू हो गया। पहले दिन कॉमर्स की कॉपियां जांची गईं। कुलपति ने मूल्यांकन केंद्र का निरीक्षण कर सैनिटाइजेशन कराने और मेजों-कुर्सियों के बीच दो मीटर का फासला रखने के निर्देश दिए।
मूल्यांकन में पहले दिन बरेली कॉलेज से कोई शिक्षक नहीं पहुंचा। लिहाजा शिक्षकों की संख्या कम रही। मूल्यांकन केंद्र प्रभारी प्रोफेसर पीवी सिंह ने बताया कि मूल्यांकन में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। शिक्षक समय पर आ रहे हैं और किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है। इधर, रूटा ने मूल्यांकन का विरोध किया है। महामंत्री डॉ. टीएस चौहान ने कहा, शहर में लगातार कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं, इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मूल्यांकन शुरू करा दिया है। यदि कोई शिक्षक संक्रमण की चपेट में आया तो जिम्मेदार कौन होगा। लिहाजा कुछ दिन और मूल्यांकन टाला जाना चाहिए।