बरेली। पीलीभीत बाईपास पर बन रहे हवाई अड्डे की जमीन को लेकर विवाद खड़ा गया है। अहमदनगर के कुुछ भू-स्वामियों ने यह शिकायत की है कि नागरिक उड्डयन विभाग ने 419 वर्गमीटर जमीन की आड़ में उनकी भूमि पर कब्जा कर लिया है। भू-स्वामियों का कहना है कि उन्होंने अपनी भूमि का कोई बैनामा भी नहीं किया है। पीड़ित किसानों की तरफ से इसकी लिखित शिकायत करने के बाद डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी (एसएलएओ) से इसकी जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
मुड़िया अहमदनगर के अंजू अग्रवाल, बीना, स्वाती गुप्ता, शिवानी, केडी रावत सहित कई भूमि मालिकों ने यह शिकायत की है कि पीलीभीत हाईवे पर मुड़िया अहमदनगर में हवाई अड्डा बनाने के लिए नागरिक उड्डयन विभाग को जमीन की जरूरत थी। इसके लिए विभाग ने गाटा संख्या-492, जिसका रकबा काफी ज्यादा है, इसके भूमि मालिकों से वार्ता करने के बाद 419 वर्गमीटर भूमि का बैनामा करा लिया था। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस भूमि से उनका कोई मतलब या वास्ता नहीं है, लेकिन विभाग ने इसकी आड़ में उनकी जमीन पर भी पिलर लगाकर कब्जा करने का प्रयास किया गया है। बताते हैं कि यह मामला तत्कालीन अफसरों के पास पहुंचने के बाद जमीन पर हो रहे कब्जे को रोकने की कार्रवाई भी की गई थी। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इसके बाद शासन की तरफ से 492 गाटा के मालिकों से 1353 वर्गमीटर का एक अन्य बैनामा करा लिया गया, लेकिन उनकी 1863.96 वर्गमीटर जमीन को नागरिक उड्डयन विभाग ने किस ओर छोड़ा है, इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई है, जबकि जमीन पर पूरा कब्जा कर हवाई अड्डे का निर्माण कराया जा रहा है।
भू-स्वामियों का कहना है कि उन्होंने अपनी भूमि का कोई बैनामा नागरिक उड्डयन विभाग को नहीं किया है और न ही एसएलएओ की तरफ से इस भूमि के अधिग्रहण की कोई कार्रवाई की गई है। उनका कहना है कि अक्तूबर 2018 में भी उन्होंने इस संबंध में प्रार्थनापत्र दिया था, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यह प्रकरण सामने आने के बाद डीएम ने एसएलएओ मदन कुमार को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दे दिए हैं।