बरेली। प्रथमा ग्रामीण बैंक के सेवानिवृत्त शाखा प्रबंधक भगवान दास साहू के बेटे हर्षित गुप्ता पर धोखाधड़ी और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगा है। हर्षित पर पिता के बैंक खातों से 37 लाख रुपये निकालने और शेष राशि फ्रीज कराने का आरोप है। रेखा साहू ने कैंट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
रेखा के अनुसार, उनके पिता भगवान दास साहू की मौत हो चुकी है। वह प्रथमा ग्रामीण बैंक की संभल शाखा में प्रबंधक थे। पिता की तीन पत्नियां थीं। पहली पत्नी के बेटे हर्षित गुप्ता ने सभी भाई-बहनों को विश्वास में लिया था। उसने कागजी कार्रवाई करवाकर धन और संपत्ति को बराबर बांटने की बात कही थी। रेखा साहू, उनके छोटे भाई रोहित साहू और अन्य परिजन इस पर सहमत थे। हर्षित ने सभी को विश्वास में लेकर पूरी रकम एक खाते में स्थानांतरित करवाई थी। उसने अपना हिस्सा निकालकर बाकी रुपया फ्रीज करवा दिया।
भाई की आत्महत्या का लगाया आरोप
रेखा साहू के अनुसार, रुपये की तंगी और हर्षित गुप्ता द्वारा प्रताड़ित किए जाने के कारण उनके भाई रोहित साहू डिप्रेशन में चले गए। रोहित ने एक जुलाई को घर में आत्महत्या कर ली। भगवान दास साहू के अलग-अलग बैंक खातों में कुल 82 लाख रुपये थे। इसमें से हर्षित गुप्ता ने 37 लाख रुपये बिना सहमति के निकाल लिए। रोहित साहू के मांगने पर हर्षित गुप्ता ने कई बार गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी थी। सीओ आशुतोष शिवम ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच दरोगा त्रिवेंद्र कुमार को सौंपी है।