बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट राघवेंद्र मणि ने शहर में 26 सितंबर 2025 को हुए बवाल से पहले अवैध हथियारों की खेप सप्लाई करने के आरोपी मौलाना तौकीर रजा के करीबी फरहत के भाई इशरत और उसके चालक हिस्ट्रीशीटर तस्लीम की जमानत याचिका को बुधवार को निरस्त कर दिया। फिलहाल दोनों को जेल में रहना होगा।
बहेडी पुलिस ने इशरत और उसके चालक तस्लीम को 19 फरवरी को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के पास से इटली मेड पिस्टल, मैग्जीन, कारतूस और अवैध हथियार मिले थे। दोनों ने पूछताछ में स्वीकार किया था कि वे अवैध हथियारों का धंधा करते हैं। शहर में 26 सितंबर को हुए बवाल से पहले फरहत और मौलाना तौकीर रजा के कहने पर उन्होंने अवैध हथियारों की सप्लाई की थी। आरोपी जेल में हैं। दोनों ने वकील के जरिये जमानत अर्जी दी थी। अभियोजन पक्ष ने 26 सितंबर को पुलिस पर फायरिंग करने, हथियारों और वायरलेस सेट की लूट का हवाला दिया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों की जमानत अर्जी को निरस्त कर दिया है।
बवाल के एक आरोपी को अग्रिम जमानत
अपर सत्र न्यायाधीश अमृता शुक्ला ने 26 सितंबर 2025 को शहर में हुए बवाल के आरोपी बारादरी थाना क्षेत्र के पुराना शहर कांकर टोला निवासी न्याब खां उर्फ निम्मी की अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उसे एक लाख रुपये के बंधपत्र पर रिहा करने का आदेश दिया है। न्याब खां के खिलाफ उप निरीक्षक रोहित तोमर ने कैंट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उस पर दंगा करने और लोक सेवकों को नुकसान पहुंचाने समेत गंभीर आरोप हैं।