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गुलड़िया सुक्खी गांव में घूम रहा बाघ!

Sat, 13 Dec 2014 10:09 PM IST
बीरेली
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ग्राम गुलड़िया सुक्खी गांव के किनारे गेहूं के खेतों में बाघ के पद चिन्ह मिलने से लोगों में दहशत है। लोगों का अनुमान है कि बाघ खेतों में ही कहीं मौजूद हो सकता है। वन विभाग की टीम ने भी गांव जाकर पद चिन्हों का निरीक्षण किया। इसके बाद आसपास के गांव में मुनादी कराकर ग्रामीणों से सतर्क रहने को कहा है।
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गांव के जसवंत सिंह के पोते गुलाब सिंह शनिवार तड़के खेतों पर गए थे। खेत में बाघ के पंजों के निशान देखकर उन्होंने गांव वालों को इसकी जानकारी दी। बाघ के पंजों की तस्दीक होने के बाद खेतों में काम कर रहे मजदूर भाग खड़े हुए। लोगों ने वन विभाग के अधिकारियों और थाने पर तैनात एसएसआई माधो सिंह बिष्ट को फोन पर सूचना दी। इस पर डिप्टी रेंजर गोविंद राम गंगवार टीम के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने पदचिन्हों की बारीकी से जांच की। उन्होंने ग्रामीणों को अकेले खेत पर न जाने, आसपास आग जलाकर रखने, शाम को खेतों पर न जाने की हिदायत दी। आसपास के गांवों में भी ऐसी ही मुनादी कराई गई। वन विभाग की टीम अभी गांव में कैंप कर रही है। ग्रामीणों के अनुसार यहां काफी तादाद में नील गाय होने के बावजूद तीन दिन से एक भी नील गाय नहीं दिखाई पड़ी है।

इंसेट-
दस साल पहले भी इसी इलाके में मारा गया था बाघ
ग्रामीणाें ने बताया कि अब से करीब दस साल पहले गांव में बाघ देखा गया था। उसने नदी पार के गांव जहानगंज के सरदार चूड़ सिंह के नौकर पर हमला कर उसको खा लिया था। गांव वालों ने वन विभाग के फेल हो जाने पर बाघ को गालियों से मार डाला। इस मामले में अज्ञात ग्रामीणों पर आज भी मुकदमा चल रहा है।
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वर्जन-
हमने बाघ के पदचिन्हाें के नमूने लिए हैं। ग्रामीणाें को सतर्क कर दिया है। अब ये देखना है कि बाघ कहीं आसपास ही है या जंगल की ओर चला गया है। टीम गांव में कैंप कर रही है। बाघ दिखा तो उसे पकड़ने के लिए दूसरी टीम को भी बुलाया जाएगा। -गोविंद राम गंगवार, डिप्टी रेंजर।
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