बरेली। जनसेवा केंद्र संचालक नन्हे बाबू की हत्या के आरोपी दो सगे भाइयों को बदायूं पुलिस ने तमंचा बरामदगी दिखाकर जेल भेज दिया। इसके बाद सेटिंग के खेल में गिरफ्तारी का शोर मचा। इधर, उनकी तलाश में दबिश दे रही बरेली की बिथरी थाना पुलिस को भी झटका लगा। अब आईजी ने मामले की जांच और कार्रवाई का निर्देश दिया है।
बिथरी थाना क्षेत्र के रजऊ परसपुर में 27 अक्तूबर की रात तीन गोलियां मारकर नन्हे बाबू की हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड के मुख्य आरोपी दो सगे भाई भूरे यादव और राजवीर यादव फरार हो गए थे। जबकि, सह आरोपी पूर्व प्रधान चंचल यादव व अन्य को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। उनकी गिरफ्तारी की कोशिश में जुटी बिथरी पुलिस को पता चला कि मंगलवार को बदायूं की सिविल लाइंस पुलिस ने तमंचा और कारतूस की बरामदगी दिखाकर दोनों को जेल भेजा है। वहां के दरोगा वीर सिंह और दीवान शोभित यादव आदि ने यह गुडवर्क दिखाया है। अब दोनों आरोपियों को रिमांड पर बरेली लाने की तैयारी है।
रुपये लेकर घूम रहे थे आरोपी, नेता ने कराया जुगाड़
नन्हे बाबू की हत्या के बाद दोनों भाइयों को एनकाउंटर का डर सता रहा था। सूत्र बताते हैं कि दोनों सात लाख रुपये लेकर घूम रहे थे। यहां जुगाड़ नहीं हो पाया तो विपक्षी दल के सजातीय नेता ने बदायूं पुलिस के सजातीय कर्मियों से सेटिंग कराकर हल्की धारा में उनकी गिरफ्तारी दिखवा दी। इसके पीछे कानूनी राय लेने की बात भी सामने आ रही है, ताकि दूसरे तमंचों की बरामदगी दिखाने व नन्हे बाबू की हत्या में इस्तेमाल तमंचों से मेल न खाने की स्थिति में केस कमजोर पड़ जाए। हालांकि, अब मामला अधिकारियों की जानकारी में आ चुका है। ऐसे में आरोपियों पर प्रभावी कार्रवाई हो सकती है।
वर्जन
बिथरी में हत्या कर भागे आरोपियों को हथियार बरामदगी के सामान्य मामले में जेल भेजने की सूचना मिली है। बदायूं की सिविल लाइंस थाना पुलिस की भूमिका की जांच कराई जाएगी। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। - डॉ. राकेश सिंह, आईजी रेंज