दोनों ही जिलों को शासन ने अलग जारी किया था 50-50 लाख रुपये का फंड
बरेली। बदायूं और पीलीभीत से आए कोरोना संदिग्धों की जांच का भुगतान भी बरेली के जिला आपदा फंड से भुगतान कर दिया गया है। हालांकि बदायूं-पीलीभीत के लिए भी शासन ने 50-50 लाख की रकम कोरोना टेस्ट के लिए जारी की थी। एडीएम वित्त के मुताबिक बरेली के फंड से दोनों जिलों के कितने मरीजों के लिए टेस्टिंग किट खरीदी गई हैं, कई बार मांगने के बाद स्वास्थ्य विभाग और आईवीआरआई लैब से इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है।
कोरोना मरीजों की जांच के लिए टेस्टिंग किट खरीदने के लिए शासन बरेली को आपदा फंड में एक करोड़ रुपये दिए थे। इसमें से आईवीआरआई लैब को एक हजार टेस्टिंग किट खरीदने के लिए करीब 19 लाख रुपये का भुगतान होता है। प्रशासन अब तक करीब पांच हजार किट का भुगतान आपदा फंड से कर चुका है। अब इस खाते में सिर्फ 1.98 लाख रुपये बचे हैं लिहाजा किट की खरीद बंद हो गई है। अब यह गड़बड़ी सामने आई है कि बरेली के ही फंड से पीलीभीत और बदायूं के मरीजों के लिए भी टेस्टिंग किट दे दी गईं। स्वास्थ्य विभाग ने दोनों जिलों के बिल एडीएम वित्त को भेजे हैं जबकि इन दोनों जिलों को शासन ने अलग से किट खरीदने के लिए एक अप्रैल को 50-50 लाख रुपये दिए थे। दोनों जिलों के पास लगभग पूरा बजट सुरक्षित भी है जबकि बरेली का पूरा बजट खर्च हो चुका है। डीएम भी दो करोड़ का बजट शासन से मांग चुके हैं। इस बीच कमिश्नर ने भी बदायूं और पीलीभीत के डीएम को निर्देश दिया है कि वे अपने यहां के मरीजों की जांच के लिए टेस्टिंग किट का भुगतान करना सुनिश्चित करें।
कोरोना टेस्ट के लिए जनहित में दूसरे जिलों के मरीजों की टेस्टिंग किट का भुगतान यहां से किया गया है। हालांकि दोनों जिलों के पास इस फंड का काफी बजट अवशेष है। - मनोज कुमार पांडेय, एडीएम वित्त