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कोविड अस्पताल में व्यवस्था बदहाल, वीडिया वायरल

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बरेली। कोविड अस्पताल में संक्रमितों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने का दावा खोखला साबित हो रहा है। बीते दिनों अव्यवस्थाओं की खबर सुर्खियां बनीं तो जिम्मेदारों ने कुछ हद तक व्यवस्था सुधार दी, लेकिन अब हालात फिर पहले जैस हो गए हैं। इस बार बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने वाले कोविड एल टू अस्पताल की दुर्दशा का वीडियो वायरल हुआ है। शनिवार को एक संक्रमित ने वीडियो वायरल कर स्वस्थ होने के बजाय तबीयत बिगड़ने की बात कही है।
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बीते दिनों बिथरी कोविड अस्पताल में भर्ती एक महिला ने वीडियो वायरल कर अव्यवस्थाओं की पोल खोली थी। फजीहत होते देख आनन-फानन में अफसरों ने उसे बिथरी से एल टू कोविड अस्पताल में भर्ती करा दिया। साथ ही, व्यवस्थाएं दुरुस्त होने के बाबत कई संक्रमितों का वीडियो भी वायरल किया। इससे पहले भी एक संक्रमित ने बिथरी अस्पताल में खराब खाने और गंदगी के फोटो वायरल किए थे। शनिवार को फतेहगंज पश्चिमी की ओर स्थित एल टू कोविड अस्पताल में अव्यवस्था की पोल एक संकमित ने खोल दी। वीडियो में संकमित ने अस्पताल में गंदगी का अंबार लगे होने, पीने को गर्म पानी न मिलने, शौचालय की स्थिति बदहाल होने का जिक्र किया है। साथ ही, बिस्तर गंदा होने से संक्रमण के साथ ही अन्य रोगों से भी ग्रसित होने की आशंका जताई है।
गंदगी के बीच रहकर हो रहे सिम्टोमैटिक
कोविड एल टू अस्पताल में भर्ती संक्रमितों के मुताबिक, अस्पताल के इंचार्ज से जब व्यवस्थाएं दुरुस्त करने को कहा गया तो उन्होंने कर्मचारियों के कोविड वार्ड में ड्यूटी करने से इनकार करने की बात कही। बोले, बमुश्किल कुछ कर्मचारियों को राजी किया गया है। हालांकि, वे भी ड्यूूटी करने से कतरा रहे हैं। वीडियो जारी करने वाले संक्रमित का कहना है कि वह जब यहां भर्ती हुआ तो उसमें कोरोना के लक्षण नहीं थे, लेकिन अब गंदगी के बीच रहकर संक्रमण के लक्षण भी दिखने लगे हैं।
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समय से नहीं मिलता खाना और गर्म पानी
आईसीएमआर की गाइडलाइन के मुताबिक संक्रमितों को बेहतर खाना और पीने के लिए गर्म पानी देना बेहद जरूरी है, लेकिन इसका अनुपालन नहीं हो रहा है। बिथरी कोविड अस्पताल में भर्ती नवाबगंज के संक्रमित ने बताया कि गर्म पानी मांगने पर स्टाफ खुद व्यवस्था करने की बात कह देता है। शहर के एक संक्रमित के मुताबिक, वह अस्पताल से ज्यादा तो अपने घर पर सुरक्षित था। यहां तो और ज्यादा बीमार हो जाएगा।
संक्रमितों को अस्पताल में कोई अुसविधा न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। ज्यादातर संक्रमित एसिम्टोमैटिक हैं। वे अस्पताल में नहीं रहना चाहते हैं। इसकी वजह से गलत आरोप लगा रहे हैं। हालांकि आरोपों की जांच कराई जा रही है। कोई समस्या होगी तो उसे दूर कराया जाएगा। - डॉ. विनीत शुक्ल, सीएमओ
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