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गरमाया रोहली टोला, दो समुदायों में तनातनी

Mon, 12 Oct 2015 01:25 AM IST
बरेली
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बरेली। थाना बारादरी के रोहली टोला में होलिका दहन के स्थान पर स्थापित पत्थर को लेकर दो समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों में जमकर गाली-गलौज हुई। महिलाओं और पुलिस कर्मियों में भी नोकझोंक हुई। पुलिस के मुताबिक, पत्थर की ऊंचाई कम कर विवाद निपटा दिया गया है। मामले में पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
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रोहली टोला में गुरुद्वारा के पास अरविंदा चिल्ड्रेन स्कूल के सामने तिराहे पर होलिका दहन होता है। इसी जगह पर एक निशानी का पत्थर भी स्थापित था। आसपास के लोग त्योहारों पर यहां पूजा भी कर लेते थे। करीब दो महीने पहले सड़क निर्माण हुआ तो पत्थर नीचे दब गया। सड़क बनने के बाद रेलवे के रिटायर्ड कर्मचारी ओमप्रकाश शर्मा और उनके साथियों ने सड़क के ऊपर नया पत्थर स्थापित करवा दिया। तिराहे पर ही रेलवे कर्मचारी मोहम्मद इकबाल मलिक का मकान है। पुलिस मित्र होेने की वजह से उनका थानों और कुछ अफसरों के पास उठना-बैठना है। हाल में ही वह हज कर लौटे तो सड़क पर नया पत्थर लगा देख रविवार को अफसरों को फोन कर शिकायत कर दी। अफसरों को बताया कि सड़क पर पत्थर लगाकर दूसरे समुदाय के लोग नई परंपरा शुरू कर रहे हैं। सूचना पर चौकी इंचार्ज कांकरटोला उप निरीक्षक हरकेश सिंह सिपाही लेकर मौके पर पहुंच गए। चौकी इंचार्ज पत्थर के बारे में जानकारी कर रहे थे। इसी बीच इकबाल मलिक ने पत्थर उखाड़ने की बात कह दी। इस पर दूसरे समुदाय के लोग भड़क गए। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। चौकी इंचार्ज और सिपाहियों से महिलाओं की नोकझोंक शुरू हो गई। ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि पत्थर पहले भी लगा था। नई परंपरा नहीं पड़ी है। इसे ऊंचा कर इसलिए लगवाया है ताकि नाली की गंदगी यहां तक न पहुंच जाए। उधर, इसे लेकर दोनों समुदायों में तनाव की सूचना पर सीओ तृतीय धर्म सिंह मार्छाल, इंस्पेक्टर प्रेमनगर देवेश सिंह, इंस्पेक्टर बारादरी मोहम्मद कासिम भी पहुंच गए। दोनों पक्षों में सहमति के बाद पत्थर थोड़ा नीचे कर लगवा दिया है ताकि किसी को ठोकर न लगे।

कभी भी हो सकता है बड़ा बवाल
पुलिस ने विवाद निपटा तो दिया, लेकिन लोगों के मन में शांति नहीं है। यहां किसी भी दिन छोटी सी बात बड़े विवाद का कारण बन सकती है। कुछ दिन पहले रोहली टोला की एक गली में मजार की ईंट टूट गई थी। इसे सही कराने के लिए काम शुरू कराया तो विरोध होने लगा। इसके बाद पुलिस ने काम रुकवा दिया था। तिराहे पर आस्था के पत्थर को लेक र हुए विवाद के दौरान यह दर्द भी सामने आया। दूसरे समुदाय के लोग इकबाल मलिक के पुलिस को बुलाने से बेहद खफा थे। अफवाह यह थी कि पत्थर हटवाने के लिए पुलिस बुलाई है। महिलाएं तो काफी उत्तेजित थीं। एक बार तो हालात इतने बिगड़ गए कि महिला पुलिस भी बुलानी पड़ी। पुलिस ने एहतियात नहीं बरती तो किसी भी दिन बड़ा बवाल हो सकता है।   
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