भमोरा। नौरंगपुर गांव में मस्जिद के बरामदे पर रातों-रात लिंटर डाले से एक पक्ष भड़क गया। इसे अवैध निर्माण बताकर एक पक्ष शिकायत लेकर थाने पहुंचा तो पुलिस और प्रशासन के अफसर गांव पहुंच गए। दिनभर चली पंचायत के बाद पुलिस ने लिंटर ढहा दिया। गांव में पुलिस तैनात की गई है।
सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीणों के थाने पहुंचने पर पुलिस हरकत में आई। जिला प्रशासन को सूचना देने पर तुरंत गांव पहुंचने के आदेश हुए। एसपी देहात बृजेश श्रीवास्तव, एसडीएम मनीष नाहर, सीओ केपी सिंह के अलावा आंवला सर्किल के सभी थानों की पुलिस भी नौरंगपुर गांव पहुंच गई। अफसरों ने दोनों पक्षों को बैठाकर पंचायत कराई। एक पक्ष का कहना था कि तीन साल पहले भी मस्जिद के निर्माण की कोशिश की गई थी। तब पुलिस से शिकायत करने पर तय हुआ कि अब नया निर्माण नहीं होगा। यह फैसला लिखित में हुआ था। इसके बावजूद रातों-रात लिंटर डाला गया है। उन्होंने यह भी कहा कि चार चाल पहले मंदिर के निर्माण के समय दूसरे पक्ष ने आपत्ति की थी। पुलिस प्रशासन के हस्तक्षेप पर मंदिर का निर्माण कार्य रुकवा दिया गया था।
वहीं दूसरे पक्ष के सगीर अहमद ने बताया गांव के तंजीर अहमद से फरियाद आलम और इकबाल ने यह घर खरीदा था। हम तब से यहां नमाज अदा करते आ रहे हैं। बरामदे में लिंटर नहीं होने से नमाज धूप में अदा करनी पड़ती थी। ग्रामीणों के कहने पर ही हमने निर्माण कराया था। अफसरों ने कहा कि कोई भी नया निर्माण नहीं कराया जा सकता इसलिए इसे तोड़ा जाएगा। दूसरे पक्ष ने इस पर आपत्ति की। मगर पुलिस एक नहीं सुनी और लिंटर ढहा दिया गया।
युवक ने दी आत्मदाह की धमकी
नौरगंपुर के 32 वर्षीय शाहिद ने लिंटर ढहाने के अफसरों के आदेश पर कड़ी आपत्ति की। उसने कहा कि हमें यह फैसला कतई मंजूर नहीं है। यदि अफसरों ने अपना निर्णय नहीं बदला तो वह केरोसिन छिड़कर आत्मदाह कर लेगा। पुलिस ने उसे समझाकर शांत किया।
कोट
चार साल पहले दोनों समुदाय के लोगों ने नया निर्माण नहीं करने को लेकर समझौता किया था लेकिन दूसरे पक्ष ने निर्माण कर दिया। अब इसे गलती मानकर लिंटर ढहा दिया गया है।
-मनीष कुमार नाहर, एसडीएम आंवला
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है। किसी को भी नई परंपरा डालने की इजाजत नहीं दी जाएगी। गांव की फिजा बिगाड़ने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
-केपी सिंह सीओ आंवला