सपा सरकार में कद्दावर मंत्री के नजदीक होने का रौब गांठकर बीडीए से चालान होने और काम्पैक्स सील करने के बाद भी मंदिर की आड़ में बाबा की कृपा से छह दुकानें अनाधिकृत तरीके से बन चुकी हैं। अब दुकानों के ऊपर पिलर बनाकर कांप्लेक्स निर्माण की तैयारी चल रही है। दुकानों के पीछे मंदिर बना है। बाबा हरिद्वार में रहते हैं लेकिन मंदिर के पुजारी उनके प्रतिनिधि के तौर पर कांप्लेक्स बनवा रहे हैं। बीडीए से कांप्लेक्स का कोई नक्शा स्वीकृत नहीं कराया गया है।
प्रेमनगर धर्मकांटा के सामने रोड के दूसरी ओर काफी दिनों से मंदिर के बाहर दुकानों का निर्माण चल रहा है। छह दुकानें बनकर लगभग तैयार हो चुकी हैं। आस-पास के दुकानदारों की मानें तो दुकानों के निर्माण में सड़क की भी कुछ जमीन दबा ली गई है। दुकानों के ऊपर पक्के पिलर निकले हैं जिससे लगता है कि फर्स्ट फ्लोर पर कांप्लेक्स निर्माण की तैयारी है। दुकानों के पीछे मंदिर है। ये दुकानें बाबा की बताई जा रही हैं। ये बाबा सपा सरकार के कद्दावर मंत्री के गुरु बताए जाते हैं। बाबा को सरकार से गनर मिला है। यही नहीं, बाबा, बरेली के भी कुछ कद्दावर सपा नेताओं के गुरु हैं। मंदिर के पुजारी उनके प्रतिनिधि के तौर पर दुकानों का निर्माण करा रहे हैं। मंत्री तक पहुंच की वजह से बीडीए के अफसर भी बाबा पर हाथ डालने से कतरा रहे हैं। अवैध निर्माण की केवल चालान काटकर कार्रवाई की खानापूरी कर दी गई। इसके बाद भी निर्माण जारी है। बीडीए के जेई पीके सिंह का कहना है कि बाबा जी की दुकानों का कुछ दिन पहले चालान काटा था। उनको सील भी किया गया। इसके बाद में निर्माण होने की जानकारी नहीं है।
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बीडीए ने बनवाया या पुलिस ने
कालीबाड़ी में मिर्ची वाली गली के होली चौराहे पर तीसरी मंजिल पर अनाधिकृत निर्माण चल रहा है। बीडीए से इसका भी नक्शा स्वीकृत नहीं है। जेई राजीव राठौर का कहना है कि तीसरी मंजिल पर अवैध निर्माण की जानकारी है। इसे रोकने के लिए बारादरी पुलिस को लिखा गया है। पुलिस नहीं रोक रही है तो वह क्या कर सकते हैं।
‘बाबा की दुकानों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। थाने में इस संबंध में कोई एफआईआर भी दर्ज नहीं कराई गई। बाकी बीडीए को पता होगा।’ राजेश सिंह यादव, एसएसआई कोतवाली प्रेमनगर
कोट
प्रेमनगर में बिना नक्शा स्वीकृत कराए बनने वाली दुकानों का चालान किया गया था। उनको सील भी किया गया था। आगे निर्माण होने की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।
- अजय कुमार, डिप्टी सेक्रेटरी बीडीए