एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग में बी फार्मा के नए सिलेबस पर रविवार को बोर्ड ऑफ स्ट्डीज ने अपनी मुहर लगा दी। एकेडमिक काउंसिल और कार्य परिषद से अप्रूव होने पर इसको शैक्षिक सत्र 2017-18 से लागू कर दिया जाएगा। नए सिलेबस के तहत अब इंटरनल परीक्षाएं 30 की जगह 25 नंबर की होंगी। मुख्य परीक्षा के अंकों में भी बदलाव किया गया है। अब मुख्य परीक्षा 70 की जगह 75 नंबर की होगी। इसके अलावा प्रैक्टीकल के अंकों को आधा करते हुए 50 कर दिया गया है। इसके अलावा सात नए विषय जुड़ेंगे। प्रत्येक विषय में सौ-सौ नंबर की परीक्षा होगी। फार्मेसी काउंसिल के निर्देश पर विश्वविद्यालय में सिलेबस में बदलाव कर दिया गया है। प्रत्येक प्रोग्राम में प्रोग्राम कमेटी भी बनाई जाएगी। प्रत्येक प्रश्नपत्र में दस नंबरों के वैकल्पिक प्रश्न भी पूछे जाएंगे। छात्रों को व्यवहारिक ज्ञान देने के लिए प्रोजेक्ट वर्क को भी शामिल किया गया है। विभाग के डॉ. अमित ने बताया कि बोर्ड ऑफ स्ट्डीज ने नए सिलेबस पर मुहर लगा दी है। एम फार्मा के एक सेमेस्टर में सौ कार्य दिवस होंगे।
फार्मेसी के छात्र पढ़ेंगे इंजीनियरिंग
बी फार्मा में फार्मासुटिकल इंजीनियरिंग विषय को भी जोड़ दिया गया है। इसके अलावा फार्मूलेटिव फार्मेसी, इंडस्ट्रियल फार्मेसी, कॉस्मेटिक, हर्बल ड्रग टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर एडेड ड्रग डिजाइन, फार्माकोविग्लेंस विषयों को भी शामिल किया गया है। इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग की जगह हॉस्पिटल प्रैक्टिस कर दिया गया है।
एम फार्मा के दो और कोर्स बढ़ेंगे
रुहेलख्ंाड विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग में एम फार्मा के दो कोर्स बढ़ाने के लिए पीसीआई को प्रस्ताव भेजा गया है। बोर्ड ऑफ स्ट्डीज से फार्मासुटिकल केमिस्ट्री और फार्माकोग्नोसी को अप्रूव करा लिया गया है। पीसीआई से अनुमति मिलते ही इनमें नौ-नौ सीटों पर एडमीशन होंगे। इसके साथ अब चार विषयों में एम फार्मा की पढ़ाई होगी।
बी फार्मा के बाद कराना होगा पंजीकरण
बी फार्मा करने के बाद छात्रों को एम फार्मा करने के लिए फार्मेसी काउंसिल में पंजीकरण कराना होगा। अगर पंजीकरण नहीं कराते हैं तो उनको एम फार्मा में प्रवेश नहीं मिल सकेगा।