हज पर जाने वाले आवेदक जमा कर चुके हैं दो किस्तें
बरेली। कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार हज यात्रा मुश्किल लग रही है। माना जा रहा है कि सऊदी सरकार बाहरी मुल्कों के हज यात्रियों की आमद पर पाबंदी लगा सकती है। यानी हज के लिए सिर्फ सऊदी अरब के स्थानीय लोगों को ही अनुमति दी जा सकती है। हालांकि इसे लेकर कोई आधिकारिक एलान अभी तक नहीं हुआ है। इसे लेकर हज पर जाने वाले आजमीन बेचैन हैं। वे हज के लिए दो किस्तें भी जमा कर चुके हैं।
जानकारी के मुताबिक, 15 मई को सऊदी अरब सरकार इस संबंध में फैसला लेना था, लेकिन अभी तक कोई आदेश सऊदी सरकार की तरफ से जारी नहीं किया गया है। प्लान के मुताबिक 25 जून से हज की फ्लाइट शुरू होकर 26 जुलाई तक भारत से सऊदी जाने का शेड्यूल बनाया गया है। चार अगस्त से छह सितंबर के बीच हजयात्रियों की वापसी होनी है। हज कमेटी ऑफ इंडिया की तरफ से भी इस बारे में अब तक कुछ स्पष्ट नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि हज कमेटी ऑफ इंडिया सऊदी सरकार के फैसले का इंतजार कर रही है।
बरेली हज सेवा समिति के संस्थापक पम्मी खान वारसी ने बताया कि इस साल इस साल उत्तर प्रदेश से 28063 आवेदन किए गए हैं। बरेली मंडल से 1565 आवेदन हुए हैं। इनमें बरेली से 924, शाहजहांपुर से 224, पीलीभीत से 171 और बदायूं से 246 लोगों ने हजयात्रा के लिए आवेदन किया है।