बसपा के राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि सपा सरकार के कद्दावर कैबिनेट मंत्री आजम खां मुसलमानों को डराकर वोट लेना चाहते हैं । मुस्लिम सपा से छिटक चुके हैं और अब उन्हें वापस लाने की कोशिश में हैं वह सफल नहीं होंगे।
कांशीराम जयंती की तैयारियों के सिलसिले में बरेली आए नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने रेलवे स्टेशन रोड स्थित एक होटल में अमर उजाला से बातचीत करते हुए कहा कि वह दरगाह पर धार्मिक नजरिये से जाते हैं। वहां राजनीतिक की कोई बात नहीं करते। वह देवबंद भी जाते हैं। अगर दरगाह से जुड़े लोग बसपा के साथ आने की बात करेंगे तो वह भी इस दिशा में पहल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। कोई सुरक्षित नहीं है। 10 हजार करोड़ गन्ना किसानों का बकाया है। सपा सरकार ने किसानों का गन्ना मूल्या चार साल में एक भी पैसा नहीं बढ़ाया जबकि बसपा सरकार ने 122 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर दोगुना कर दिया था जो आज तक कायम है। 2017 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस से गठबंधन के बारे में नसीमुद्दीन ने कहा कि बसपा विधानसभा चुनावों में किसी भी दल से गठबंधन नहीं करेगी। फिर कांग्रेस के पास है ही क्या। पार्टी अकेले दम पर चुनाव लड़ेगी और सरकार बनाएगी। रोहित वेमुला, जेएनयू, आगरा में दलितों के मामले बहन जी संसद में प्रमुखता से उठा रही हैं। लोकसभा चुनाव में दलितों का वोट भाजपा से वापस लाने की रणनीति के बारे में उन्होंने कहा कि अगर लोकसभा चुनाव में दलितों का वोट भाजपा को मिला तो बसपा को 20 प्रतिशत वोट कहां से मिले।
डायरेक्टर के डायलॉग बोलती हैं स्मृति
नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने संसद में मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के उस बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि स्मृति ईरानी सास भी कभी बहू थी सीरियल से उबर नहीं पा रही हैं। वहां वह डायरेक्टर के लिखे फिल्मी डायलॉग बोलती थीं। यहां भाजपा के डायरेक्टरों के लिखे डायलॉग बोल रही हैं। संसद में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।