फतेहगंज पूर्वी में गर्भवती महिलाआें को एक्सपायरी दवा बांटने के मामले में स्वास्थ्य महकमा बुधवार को हरकत में आया। सीएमओ ने जांच कमेटी बनाकर उसे गांव भेजा तो विद्या आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज एंड हास्पिटल के डॉक्टराें की गलती सामने आई। सीएमओ का कहना था कि कालेज ने बिना अनुमति लिए कैंप का लगाया था और एक कंपनी के एमआर ने एक्सपायरी दवा बांट दी। जांच रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टर और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
एसीएमओ डॉ. मनोहर लाल के नेतृत्व में फरीदपुर सीएचसी के चिकित्सा अधिकारी डॉ. घनश्याम सिंह, एचईओ डॉ. राजवीर सिंह और स्थानीय पीएचसी के प्रभारी डॉ. संजीव दिवाकर बुधवार को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। बाद में संजय कालोनी और लेखपाल कालोनी के पीड़ित महिलाओं और पुरुषों के स्वास्थ्य की जांच की। उधर, सीएमओ डॉ. विजय यादव ने बताया कि फतेहगंज पूर्वी में सात फरवरी को विद्या आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज एंड हास्पिटल में स्वास्थ्य कैंप लगाया गया। इस कैंप की अनुमति स्वास्थ्य विभाग से नहीं ली गई। नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी को भी नहीं सूचित किया गया। कैंप का मातृत्व सप्ताह कार्यक्रम से कोई मतलब नहीं है वह पांच फरवरी को ही समाप्त हो चुका था। आयुर्वेदिक कालेज में कैंप के दौरान ओपीडी के डॉक्टर अनिल पांडेय, केके अग्रवाल और डॉ. हिमांशु मिश्रा ने मरीजों को देखकर उन्हें दवा दी थी। अस्पताल में दवा कंपनी के एमआर ने महिलाओं को दवा बांट दी जो एक्सपायरी थी। सीएमओ का कहना है कि मामले की जांच के लिए एसीएमओ डॉ. मनोहर लाल के नेतृत्व में डॉ. घनश्याम, डॉ. राजवीर सिंह और डॉ. दिवाकर को शामिल किया गया है।
कोट
एक्सपायरी दवा बांटने वाली कंपनी के बारे में अस्पताल प्रशासन नहीं बता रहा है। जो दवा बांटी गई हैं वे स्वास्थ्य विभाग में नहीं आती हैं। कंपनी का नाम न बताने पर अस्पताल प्रशासन पर कार्रवाई होगी। पूरे मामले से मातृत्व सप्ताह का कोई मतलब नहीं है। उसमें दवा नहीं बांटी जाती।
डॉ. विजय यादव सीएमओ