बरेली। अयोध्या मामले को लेकर प्रशासन सबसे ज्यादा अलर्ट मिश्रित आबादी वाले इलाकों को लेकर रहा। संवेदनशील इलाकों को पहले ही चिह्नित कर लिया गया था। वहां खासतौर से खुफिया विभाग को सक्रिय करते हुए उनसे पल-पल की सूचनाएं ली गईं। अफसरों को डर था कि कोर्ट का फैसला आने के बाद इन इलाकों में कहीं कोई हरकत हुई तो हालात बेकाबू हो सकते हैं। बहरहाल, पूरे दिन स्थिति सामान्य रहने से पब्लिक के साथ सरकारी मशीनरी ने भी राहत की सांस ली है।
अयोध्या मामले को लेकर प्रशासन और पुलिस के अफसर कई दिन से प्लानिंग कर रहे थे। खुफिया विभाग ने यह इनपुट दिया था कि शहर के मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में किसी भी पक्ष की जरा सी हरकत से माहौल बिगड़ सकता है। लिहाजा डीएम नितीश कुमार ने पुलिस अफसरों के साथ पहले ही होमवर्क करके ऐसे क्षेत्रों को चिह्नित कर खास निगरानी रखने के निर्देश दे दिए थे। गौरतलब है कि शाहदाना, जगतपुर, जोगीनवादा, मीरा की पैठ, कुतुबखाना, शाहाबाद, ब्रह्मपुरा, किला, बिहारीपुर आदि मिश्रित आबादी वाले इलाके हैं। शनिवार सुबह से ही खुफिया तंत्र को मिश्रित आबादी वाले इलाकों सक्रिय कर दिया गया था। कोर्ट का फैसला आने के बाद खुफिया विभाग के जरिये अफसर इन इलाकों में चल रही गतिविधियों और लोगों की प्रतिक्रियाओं की पल-पल की जानकारी लेते रहे। इतना ही नहीं, गांव स्तर पर भी माहौल पर नजर रखने के लिए मजिस्ट्रेट, लेखपाल और कानूनगो से जानकारियां ली गईं।