बरेली। अयोध्या पर फैसला आने से पहले पूरा जनमानस सकते में रहा। शुक्रवार शाम ही लोगाें ने दैनिक जरूरत की चीजें खरीद ली थीं। लोगों को डर था कि फैसला आने के बाद कहीं बाजार न बंद हो जाए। हालांकि ऐसा हुआ नहीं, लेकिन पुलिस की सख्ती की वजह से सन्नाटा जरूर पसरा रहा। जिला अस्पताल रोड के पहले नॉवल्टी चौराहे पर बैरियर लगाकर वाहनों को रोका गया। इससे जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को दिक्कत हुईं।
जिला अस्पताल जाने वाले अधिकतर मरीज ई-रिक्शा और टेंपो से ही पहुंचते हैं। उन्हें नॉवल्टी चौराहे पर ही रोक दिया गया। कई मरीजों के तीमारदार पुलिस से नोकझोंक करते दिखे, लेकिन पुलिस ने एक नहीं सुनी। मरीजों को पैदल ही अस्पताल जाना पड़ा। सबसे अधिक दिक्कत सांस के रोगियों को हुई। सांस के रोगियों को नॉवल्टी चौराहे से अस्पताल तक पहुंचने में तीन से चार जगह रुककर आराम करना पड़ा। शनिवार को ओपीडी सिर्फ दोपहर 12 बजे तक ही थी। वहीं जिला अस्पताल रोड के किनारे कपड़ों का बड़ा बाजार है। वहां भी सन्नाटा छाया रहा। एक चौथाई दुकानें बंद रहीं तो जो खुली थी, उन पर ग्राहकाें का टोटा नजर आया।