900 करोड़ रुपये सड़क बनाने पर खर्च होंगे, जमीन अधिग्रहण के लिए 800 करोड़ का बजट
बरेली। रिंग रोड के लिए 1800 करोड़ रुपये की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार है। इसके तहत 900 करोड़ रुपये सड़क बनाने पर खर्च होंगे। चौड़ीकरण के लिए जमीन अधिग्रहीत की जाएगी। इसके लिए 800 करोड़ रुपये की डीपीआर है। सड़क परिवहन मंत्रालय डीपीआर का तकनीकी मूल्यांकन कर रहा है। मूल्यांकन होने के बाद वित्तीय स्वीकृति जारी होगी। तब निर्माण शुरू होगा। शुरू होने के बाद निर्माण पूरा होने में दो साल लग जाएंगे।
प्रदेश के महानगरों के चारों ओर रिंग रोड बनाए जाने की परिकल्पना साल 2008 की है। प्रदेश के 12 मंडलों में रिंग रोड का निर्माण तेजी से चल रहा है। पांच मंडलों के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। बरेली मंडल डीपीआर तैयार करके केंद्र सरकार को भेजी जा चुका है। वैसे साल 2021 में 1650 करोड़ रुपये की लागत से रिंग रोड का प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन तब इस पर अमल नहीं हो सका था। अब 1700 करोड़ की डीपीआर तैयार की गई है। सड़क परिवहन मंत्रालय की ओर से डीपीआर की स्क्रूटनी की जा रही है। बरेली का रिंग रोड अब एनएचएआई की बदायूं इकाई के हवाले कर दिया गया। अमर उजाला ब्यूरो
बरेली रिंग रोड के दोनों हिस्सों का निर्माण करने की जिम्मेदारी अब एनएचएआई बदायूं को मिली है। डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) पूरी बन गई। सड़क परिवहन मंत्रालय को डीपीआर भेजी जा चुकी है। इसमें कुछ संशोधन होंगे। जब मंत्रालय इसे अनुमोदित करेगा तब फाइनल होगी। इसके बाद बरेली बाइपास पर काम शुरू किया जाएगा। - उत्कर्ष शुक्ला, परियोजना निदेशक, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण
रिंग रोड में बनेंगे चार आरओबी
चौबारी मुस्तकिल से रजऊ परसपुर तक 13 किलोमीटर और धंतिया से चौबारी मुस्तकिल तक 19.2 किलोमीटर लंबा मार्ग बनाकर रिंग रोड बनेगा। एनएचएआई की भूमि अधिग्रहण कमेटी से परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की मंजूरी मिल चुकी है। अधिग्रहण के लिए 11 जून 2021 को प्रस्ताव विशेष भूमि अध्यापित अधिकारी को भेजा गया था, लेकिन अधिग्रहण शुरू नहीं हो सका। परियोजना निदेशक उत्कर्ष शुक्ला ने बताया कि रिंग रोड पर चार जगह रेलवे लाइन है। सभी स्थानों पर आरओबी प्रस्तावित हैं। परसाखेड़ा गौटिया के पास रेलवे क्रॉसिंग पर एक, महेशपुरा ठाकुरान में दो और पालपुर गांव के पास एक आरओबी का निर्माण प्रस्तावित किया गया है।