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Bareilly News: असुरक्षित पुलों और संपर्क मार्गों के लिए मंजूरी का इंतजार

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बरेली। लोक निर्माण विभाग के अधूरे, क्षतिग्रस्त और असुरक्षित पुल-पुलिया और उनके संपर्क मार्गों के निर्माण के लिए 18 एस्टीमेट बनाए गए, पर मंजूरी नहीं मिली। सिर्फ तीन पर ही काम शुरू हो सका। नतीजा, एक लाख से अधिक लोग आवागमन में मुसीबत झेल रहे हैं।
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बरेली जिले में पांच, शाहजहांपुर व बदायूं जिले में दो-दो और पीलीभीत जिले में नौ स्थानों के एस्टीमेट बने थे। दो महीने हो गए। बार-बार पत्राचार हो रहा है, लेकिन मंजूरी नहीं मिल सकी है। भोजीपुरा-अग्रास मार्ग पर छोटे पुल और नवाबगंज क्षेत्र में बहगुल नदी पर पुल तथा अप्रोच मार्ग का निर्माण शुरू हो गया है, पर बरगवां पुल का काम अटका हुआ है। मुख्य अभियंता अजय कुमार का कहना है कि असुरक्षित पुल-पुलियों पर आवागमन रोकने के लिए सुरक्षा दीवार बना दी गईं हैं। मंजूरी मिलने का दौर शुरू है। रानेट पुल बनने तक डायवर्जन मार्ग बनाने के लिए टेंडर हो गया है। अन्य पुलों और मार्गों के लिए अगले कुछ दिनों में मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
जुगाड़ से नदी पार कर रहे लोग
शीशगढ़-बहेड़ी मार्ग से निकले मानपुर-पदमी मार्ग पर कस्बापुर में बने पुल का संपर्क मार्ग बाढ़ में बह गया था। पीडब्ल्यूडी ने यहां यातायात प्रतिबंधित कर दिया। अप्रोच मार्ग बनने में देरी का खामियाजा 15 से अधिक गावों के लोग भुगत रहे हैं। इधर, पानी घटा तो लोग पैदल ही नदी पार करने लगे हैं। बाइक आदि पार कराने के लिए बैलगाड़ी का सहारा लिया जा रहा है।
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बदायूं का रानेट पुल और मुड़ा पुल भी अटका
बदायूं जिले में सोत नदी पर बना रानेट पुल और बरेली जिले के फरीदपुर और बदायूं के दातागंज को जोड़ने के लिए रामगंगा नदी पर बने अधूरे पुल का मामला भी अटका है। रामगंगा के पुल के लिए मॉडल स्टडी की रिपोर्ट का इंतजार है। वहीं, रानेट पुल के एस्टीमेट पर व्यय वित्त समिति की मंजूरी मिल गई है, पर बजट जारी नहीं हुआ है। मुख्य अभियंता का कहना है कि पुल सेतु निगम को बनाना है और डायवर्जन मार्ग के लिए लोक निर्माण विभाग जल्दी ही काम शुरू कराएगा। अमर उजाला ब्यूरो
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