बरेली। मुहद्दिस-ए-बरेलवी मजहर-ए-मुफ्ती-ए-आजम हिंद हजरत तहसीन रजा खां के उर्स के आखिरी दिन रविवार को हुस्सामुल हरमैन कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस मौके पर उलामा व मशाइख़ ने तमाम सुन्नियों को मुहब्बत का पैगाम दिया।
साहिब-ए-सज्जादा हस्सान रजा खां नूरी ने आला हजरत के मशहूर फतवे ‘हुस्सामुल हरमैन’ पर तफसील से रोशनी डाली। उन्होंने दीन के दुश्मनों से दूरी और तमाम सुन्नियों से मुहब्बत की ताकीद की। खास तौर से इंटरनेट पर झूठे मौलवियों के फरेब से बचने के लिए आगाह किया। खलीफा-ए-तहसीन-ए-मिल्लत मौलाना इरफानउल हक (खटीमा) ने हुजूर सदरउल उलामा की अजीम हस्ती के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अगर हम उनके नक्शे कदम पर चलेंगे तो तमाम मंजिलें आसान होंगी। जानशीन-ए-तहसीन-ए-मिल्लत सूफ़ी रिजवान रजा खां ने तकरीर में कहा कि इस मुश्किल दौर में भी अगर हम दीन पर कायम रहेंगे तो कामयाबी हासिल होगी।
इससे पूर्व उर्स-ए-तहसीनी में सुबह से ही अकीदतमंद खानकाह तहसीनिया पहुंचने लगे। कुछ देर बाद खानकाह शरीफ के पास चौक में हुस्सामुल हरमैन कॉन्फ्रेंस की शुरुआत हुई। मौलाना मकसूद तहसीनी ने तिलावत से आगाज किया। सलाम के बाद मुस्लिम एजेंडा पढ़ा गया। इस दौरान खास तौर से मौजूद रहे बिलग्राम शरीफ के शाहजाद-ए- सैयद शाह असलम मियां ने खुसूसी भी दुआ की।
इस मौके पर खानकाह-ए-तहसीनिया के मोहतमिम इंजीनियर सुहेब रजा खां, नायब सज्जादानशीन मौलाना सफवान रना खां, अमान रजा खां, कारी तस्लीम रजा खां, मौलाना हसीब रजा खां, मौलाना नजीब रजा खां, मौलाना डॉ. शकील अहमद मिस्बाही, मौलाना अजीजउर्रहमान, जामिया तहसीनिया के सदर मुदर्रिस मौलाना खुर्शीद मिस्बाही, ईकान रजा तहसीनी सहित खानवादा-ए-आला हजरत की कई हस्तियां मौजूद रहीं। कारी नाजिर रजा ने निजामत किया। दरगाह के प्रवक्ता सगीर उद्दीन नूरी ने सभी सहयोगियों का शुक्रिया अदा किया। संवाद