बरेली। भादो महीने के शुक्ल पक्ष तृतीया को मनाया जाने वाला हरतालिका तीज का पावन पर्व इस बार छह सितंबर को है। वैसे तो तृतीया तिथि का शुभारंभ पांच सितंबर को मध्याह्न 12:20 से हो जाएगा, जिसका मान छह सितंबर को दोपहर बाद 3:01 बजे तक रहेगा। उदयातिथि के प्रधानता के अनुसार इस व्रत की पूजा-अर्चना शुक्रवार को होगी।
ज्योतिषाचार्य पंडित मुकेश मिश्रा ने बताया कि इस बार हरतालिका तीज का पावन पर्व ज्योतिष शास्त्र के सत्ताईस योगों में अत्यंत मंगलकारी शुक्ल योग में पड़ रहा है। साथ ही इस दिन बुधादित्य योग भी रहेगा। इसलिए इस पर्व का महत्व इस बार कई गुना अधिक बढ़ गया है।
मां गौरी के साथ भगवान शिव भी अपने भक्तों को यश-वैभव, धन-संपदा का शुभाशीष देंगे। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और दूसरे दिन पारण के शुभ मुहूर्त में व्रत खोलती है। संवाद
हरतालिका तीज का महत्व
मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से सुहागिनों को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। यह व्रत कठोर व्रतों में से एक माना गया है। यह व्रत निर्जला रखा जाता है।
पूजा का शुभ मुहूर्त
सुबह 6:01 बजे से 8:32 बजे तक। कुल मिलाकर 2 घंटे 31 मिनट का पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा।