आखिर कहां से आ रहा चाइनीज मांझा
पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार दूसरे दिन भी चाइनीज मांझे और इसकी बिक्री करने वालों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाते रहे। टीम के हाथ लगा तो कुछ नहीं लेकिन श्यामगंज पुल पर पतंग से बंधा चाइनीज मांझा इस बात की पुष्टि करता है कि कहीं न कहीं से तो ये पतंगबाजों तक जरूर पहुंच रहा है।
दो शिफ्टों में आठ पुलों पर लगाई गई सिपाहियों की ड्यूटी, ड्रोन से भी निगरानी
गन्ना राज्यमंत्री संजय गंगवार के भतीजे आदित्य वीर सिंह की चाइनीज मांझे से गर्दन कटने के बाद मंगलवार को शहर के आठ पुलों पर दो शिफ्टों में दो-दो सिपाहियों की ड्यूटी लगा दी गई है। एसपी सिटी ने ड्रोन से निगरानी के भी निर्देश दिए हैं। पहले ही दिन पुलिस के इस फैसले से हादसा टल गया। कटकर जा रही पतंग से बंधा चाइनीज मांझा वाहन सवारों से उलझता हुआ जा रहा था।
सिपाहियों की नजर पड़ी तो उन्होंने तुरंत वाहन सवारों को रोका और मांझा पकड़कर पतंग खींच ली। यह वाकया शाम करीब साढ़े छह बजे का है। पुल पर श्यामगंज थाने के सिपाही उत्सव तंवर और रितिक थापा की ड्यूटी लगी थी। एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि शहर के श्यामगंज, महादेव सेतु, हार्टमैन, किला पुल, आईवीआरआई ओवरब्रिज, सेटेलाइट, अटल सेतु और लाल फाटक पुल पर दो शिफ्टों में दो-दो सिपाहियों की तैनाती की गई है।