बरेली। सावन के पहले ही दिन हुए बवाल को जल्द शांत कराने के लिए पुलिस के अधिकारी जब प्रदर्शनकारियों पर दबाव बनाने लगे तो उनका आक्रोश और बढ़ गया। पुलिस ने जब रिपोर्ट दर्ज करके तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लेने की बात कही तब कहीं माहौल शांत हुआ।
मौके पर जमा भीड़ को अफसर सड़क से हटने के लिए कहने लगे तो कुछ लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने अफसरों से कहा कि घटना उनके घर में हुई है। दर्द वही जानते हैं, जिस दिन आपके परिवार में होगी, तब असली दर्द का पता लगेगा। यह कहते हुए प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इससे माहौल गरम होता चला गया।
माइक से हुई शांति की अपील, नहीं माने प्रदर्शनकारी
एडीएम सिटी डॉ. आरडी पांडेय, सिटी मजिस्ट्रेट राजीव पांडेय, एसपी यातायात राममोहन सिंह, एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल आदि भी मौके पर पहुंच गए। इसके बावजूद माहौल शांत नहीं हो रहा था। विश्व हिंदू परिषद के नेता रामाशंकर माइक से लोगों को शांत होने के लिए कह रहे थे लेकिन लोग नहीं माने। कुछ देर बाद भाजपा के महानगर अध्यक्ष डॉ. केएम अरोड़ा, महामंत्री अधीर सक्सेना, पार्षद अतुल कपूर, पवन अरोड़ा आदि पहुंच गए। डीएम और एसएसपी के साथ उनकी बातचीत हुई। इसके बाद लोगों को समझाया गया। काफी प्रयास के बाद माहौल शांत हुआ। आरएएफ के आने के बाद भी माहौल में शांति आई।
प्रशासन ने कराई बवाल की वीडियोग्राफी
माहौल की पल-पल की जानकारी शासन से लेकर यहां बैठे अफसर लेते रहे। इसके अलावा प्रशासन की ओर से भी घटना की वीडियोग्राफी भी कराई गई। पुलिस के कर्मचारी भी वीडियोग्राफी करते नजर आए।