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आईएस की प्रचार सामग्री 'लाइक' करने वाले 1400 युवाओं पर एटीएस की नजर

Fri, 28 Aug 2020 04:30 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

  • अबू यूसुफ की गिरफ्तारी के बाद हरकत में आई एजेंसियां, पुलिस भी कर रही निगरानी
  • इंटरनेट पर पढ़ने के बाद कुछ ने सोशल मीडिया पर शेयर किया आतंकी संगठन का साहित्य, कुछ अंदरखाने इसके गहरे प्रभाव में
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दिल्ली में पकड़ा गया आईएस का संदिग्ध आतंकी अबू यूसुफ... - फोटो : अमर उजाला/एएनआई
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विस्तार
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खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली है कि प्रदेश के 1400 से ज्यादा युवा अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के साहित्य के प्रभाव में आ चुके हैं। इनमें से ज्यादातर ठीक-ठाक पढ़े लिखे हैं। जहनी तौर पर कट्टरता की ओर बढ़ रहे इन युवाओं का इस्तेमाल आतंकी संगठन अपने स्लीपिंग मॉड्यूल के रूप में कर सकता है। लिहाजा एटीएस और दूसरी एजेंसियां चौकन्नी हो गई हैं। 

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दिल्ली में आईएस के संदिग्ध आतंकी मोहम्मद मुस्तकीम उर्फ अबू यूसुफ की गिरफ्तारी के बाद एजेंसियों ने इंटरनेट पर आईएस की प्रचार सामग्री को लाइक करने वाले युवाओं को तलाशने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। बरेली जोन के जनपदों में भी आईएस के साहित्य की गिरफ्त में आ चुके युवाओं की कड़ी निगरानी की जा रही है।

दिल्ली में 22 अगस्त को मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया यूपी के बलरामपुर का मोहम्मद मुस्तकीम खान उर्फ अबू यूसुफ इस्लामिक स्टेट से जुड़ा था। उसकी योजना यूपी और दिल्ली को दहलाने की थी। मुस्तकीम सीधा अफगानिस्तान में आतंकी संगठन के आकाओं से निर्देश लेता था। 
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यूपी एटीएस अब इस बात की तहकीकात में जुटी है कि कहीं मुस्तकीम खान आईएस के साहित्य का लाइन करने वाले युवाओं को बरगलाकर आतंकी संगठन के लिए रिक्रूटमेंट में तो नहीं जुटा था। इसलिए प्रदेश में एजेंसियों ने ऐसे युवाओं पर नजरें टिका दी हैं जो सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफार्म पर या तो आईएस के साहित्य का लाइक कर रहे हैं या फिर अंदरखाने आतंकी संगठन की विचारधारा के प्रति उनमें झुकाव है। 

इसके लिए पूरे प्रदेश में सोशल मीडिया की निगरानी बढ़ा दी गई है। एटीएस सूत्रों का कहना है कि अभी तक करीब 1400 युवा ऐसे ट्रेस हुए हैं जो आईएस के साहित्य के संपर्क में आए हैं। लाइक और शेयर करने वालों की एटीएस सख्ती से मानीटरिंग कर रही है। सूत्रों का कहना है कि सीएए और राममंदिर भूमि पूजन के बाद आईएस का साहित्य पसंद करने वालों की संख्या बढ़ी है। 

आतंकी संगठनों के स्लीपिंग माडयूल इन मुद्दों पर ऐसे युवाओं को भड़काकर उनकी सोच हाईजैक करने के लिए उन्हें आईएस के साहित्य की ओर धकेल रहे हैं। कट्टरता की गिरफ्त में आए युवाओं की सोशल मीडिया पर गतिविधियों को भी एजेंसियां करीब से देख रही हैं। सूत्रों का कहना है कि बरेली जोन में भी ऐसे युवाओं की संख्या काफी है। बरेली में किला निवासी इनामुल को एटीएस ने हाल ही में गिरफ्तार किया था। उसने सोशल मीडिया पर अपनी डीपी के साथ आईएस का झंडा लगा रखा था। इसी तरह संभल, बिजनौर, मुरादाबाद, बदायूं और अमरोहा को लेकर भी एजेंसियां खास तौर पर चौकन्नी हैं। संभल निवासी अलकायदा का इंडिया चीफ 2015 में दिल्ली से ही पकड़ा गया था।

कुछ युवाओं द्वारा सोशल मीडिया पर आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के साहित्य को लाइक करने की सूचनाएं हैं। कुछ ऐसे भी हैं जो सोशल मीडिया पर इसे शेयर तो नहीं कर रहे हैं लेकिन अंदर ही अंदर इस्लामिक स्टेट के साहित्य के प्रभाव में हैं। पुलिस और दूसरी एजेंसियां ऐसे लोगों की कड़ाई से निगरानी कर रही हैं। बरेली जोन के विभिन्न जनपदों में भी ऐसे लोग हैं। जिनकी निगरानी की जा रही है। लेकिन इस स्टेज पर हम इनकी ठीक - ठीक संख्या नहीं बता सकते। इस मामले में सभी एजेंसियों के साथ तालमेल बैठाकर पुलिस गंभीरता से कार्रवाईयां कर रही है। दिल्ली में आईएस आतंकी मोहम्मद मुस्तकीम खान उर्फ अबू यूसुफ की गिरफ्तारी के बाद विशेष तौर पर अलर्ट जारी कर सभी जनपदों को कड़ी निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।  
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- अविनाश चंद्र, अपर पुलिस महानिदेशक, बरेली जोन

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