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Bareilly News: एके-47 के नाम पर ठगी करने वाले छह शातिर गिरफ्तार, उत्तराखंड और पंजाब तक फैला है नेटवर्क

Sat, 29 Apr 2023 07:08 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली एटीएस इकाई ने शुक्रवार को ठगी करने वाले गिरोह के छह शातिरों को गिरफ्तार करके थाना कैंट पुलिस के हवाले कर दिया। ठग गिरोह में उत्तराखंड, पंजाब से लेकर पीलीभीत और लखीमपुर खीरी तक के आरोपी शामिल हैं। इनके मोबाइल की जांच में कई चौंकाने वाली जानकारी मिली है। 
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ठग गिरोह के जालसाज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एटीएस ने शुक्रवार को छह सदस्यीय ठग गिरोह को गिरफ्तार कर कैंट पुलिस के हवाले कर दिया। गिरोह में पीलीभीत, लखीमपुर खीरी से लेकर उत्तराखंड और पंजाब तक के आरोपी शामिल हैं। ये लोगों को दोमुंहा सांप, सोने के सिक्के और एके-47 देने के नाम पर ठगते थे।

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एटीएस इंस्पेक्टर नवनीत कुमार की ओर से दर्ज रिपोर्ट में जिक्र है कि मुख्यालय से सूचना मिल रही थी कि एक गिरोह देश विरोधी गतिविधियों और स्वचालित हथियारों की खरीद-फरोख्त में संलिप्त है। पांच टीमों ने संदिग्धों की धरपकड़ शुरू कर दी। खीरी के पलिया फुरवरिया निवासी हरिओम निषाद के फोन की जांच की गई तो उसमें तांबे के सिक्के, दोमुंहा सांप, काली हल्दी, मूर्तियों के वीडियो मिले।

हरिओम ने बताया कि वह वीडियो भेजकर लोगों को लालच देता है और ठगी करता है। बताया कि पीलीभीत के भदसरा निवासी गुरुदेव उर्फ काके के साथ मिलकर वह लोगों को एके 47 बेचने के नाम पर ठगता है। जैसे ही कोई हथियार खरीदने आता था, ये लोग उसके रुपये छीनकर फरार हो जाते थे।

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मोबाइल में चश्मे और सोने के सिक्कों के फोटो 

पंजाब के पटियाला थाना सुनौर निवासी आरोपी हरदीप के फोन में एक चश्मे का फोटो भी मिला। हरदीप लोगों को बरगलाता था कि चश्मे से जमीन के अंदर दबा खजाना भी देख सकते हैं। उसके मोबाइल से सोने के सिक्कों के फोटो भी मिले, जिसके जरिये वह लोगों को ठगता था।

पीलीभीत के पूरनपुर निवासी शकील अहमद इदरीशी ने बताया कि वह लोगों को नकली सिक्के दिखाकर ठगी करता है और कई बार जेल जा चुका है। खीरी के मोहल्ला मनिहार निवासी सलीम ने बताया कि वह हरिओम, गुरुदेव और शकील मिलकर नकली सिक्के दिखाकर लोगों से रुपये ठगते हैं।

उत्तराखंड के रुद्रपुर स्थित लखनऊ कॉलोनी निवासी अमित ने बताया कि गुरुदेव पार्टी लाने पर उसे मोटा कमीशन देता था। पहले भी एक पार्टी लाया था, जिसे ठगने के बाद गुरुदेव ने 1.30 लाख रुपये उसे बतौर कमीशन दिए थे।

शातिर ने ठगा तो उसी को बना लिया गुरु

गुरुदेव उर्फ काके ने कई खुलासे किए। बताया कि वर्ष 2020 में उसकी मुलाकात साबिर से हुई थी। साबिर ने नेपाल के सिक्के दिखाए और कहा कि आधे दाम में दे देगा। गुरुदेव ने 32 हजार में दो सिक्के खरीद लिए। साबिर ने तीन लाख रुपये के सिक्के और देने का झांसा दिया। जब गुरुदेव तीन लाख रुपये लेकर नेपाल पहुंचा तो साबिर ने रुपये लेकर उसे कंकड़ से भरा थैला थमा दिया। साबिर कई माह बाद दोबारा गुरुदेव को मिला तो उसने रुपये लौटाने का दबाव बनाया। 

साबिर ने कहा कि दूसरी पार्टी से लेकर रुपये लौटा देगा, लेकिन डील में मदद करनी पड़ेगी। गुरुदेव ने पंजाब के ट्रक ड्राइवर गुरजंड से बात की तो एक पक्ष आठ लाख रुपये लेकर बरेली के नवाबगंज आ गया। बाइक से पहुंचे साबिर और गुरुदेव उसके आठ लाख रुपये लेकर फरार हो गए। इसमें से साबिर ने गुरुदेव को डेढ़ लाख रुपये लौटा दिए और बाकी रुपये बाद में देने की बात कही। बाद में वह और लोगों के साथ इसी धंधे में आ गया।
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ये लोग होते थे ठगी का शिकार

ठगो का गिरोह अंधविश्वासी और लालची लोगों को निशाना बनाता था। वे लोगों को मूर्तियां, खजाना, उल्लू के नाखून और सोने के सिक्के अपने पास होने की बात कहकर झांसा देते थे। वे कछुआ आदि के जरिये धनवर्षा कराने का झांसा भी देते थे। गिरोह के लोग सितारगंज, खटीमा, लखीमपुर और यूपी, पंजाब, नेपाल बार्डर के आसपास फैले हैं। ये लोग तंत्र विद्या से मोटा मुनाफा कराने की बात कहकर भी लोगों से रुपये ऐंठ लेते हैं।
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