जिला जेल (केंद्रीय कारागार-2) का वीडियो वायरल होने के बाद मुकदमे में माफिया अतीक अहमद के बेटे असद समेत शूटरों के नाम बढ़ाए गए हैं। बिथरी थाने में दर्ज केस की एसआईटी जांच कर रही है।
बरेली के बिथरी चैनपुर थाने में दर्ज केस में एसआईटी ने अतीक अहमद के मृत बेटे असद समेत अन्य शूटरों का नाम शामिल किया है। सूत्रों के मुताबिक यह कवायद पहले ही कर ली गई थी, पर जिला जेल (केंद्रीय कारागार-2) में मुलाकात का वीडियो वायरल होने के बाद अधिकारियों को नामजदगी बढ़ाने का आधार मिल गया।
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जिला जेल में 11 फरवरी को अतीक अहमद के भाई अशरफ से हुई मुलाकात का जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें गुड्डू मुस्लिम उर्फ गुड्डू बमबाज, असद, उस्मान और गुलाम के चेहरे साफतौर पर पहचान में आ रहे हैं। इनमें गुड्डू मुस्लिम को छोड़कर तीन लोगों को पुलिस एनकाउंटर में ढेर कर चुकी है।
बाकी फरार चल रहे हैं। पुलिस ने सात मार्च को बिथरी थाने में अशरफ, उसके साले सद्दाम व गुर्गे लल्ला गद्दी समेत जेल वार्डरों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। इसमें नामजद जेल वार्डर शिवहरि अवस्थी व मनोज गौड़ अभी जेल में बंद हैं।
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अब वीडियो वायरल होने के बाद बिथरी पुलिस ने असद, गुड्डू मुस्लिम, गुलाम व उस्मान आदि के नाम केस में बढ़ाए हैं। इन्हें स्थानीय मुकदमे में भी आरोपी मान लिया गया है। एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि नाम बढ़ाए हैं। जो आरोपी मर चुके हैं, उनकी विधिक तरीके से तस्दीक के साथ केस से नाम खारिज किए जाएंगे।
मौत की तस्दीक करने प्रयागराज जाएगी टीम
बिथरी थाने में दर्ज केस में अशरफ मुख्य आरोपी व साजिशकर्ता के तौर पर शामिल था। बीते दिनों प्रयागराज में भाई अतीक के साथ उसकी हत्या कर दी गई थी। अधिकारियों के मुताबिक बिथरी पुलिस की टीम प्रयागराज जाकर उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट, हत्या संबंधी एफआईआर आदि दस्तावेज लेकर संबंधित डॉक्टरों व पोस्टमार्टम स्टाफ से बात कर मौत की तस्दीक करेगी। इस रिपोर्ट को कोर्ट में दाखिल कर मुकदमे से अशरफ का नाम हटाया जाएगा। बिल्कुल इसी तरह की प्रक्रिया असद व गुलाम के मामले में अपनाई जा सकती है।
एक लाख के इनामी सद्दाम की नहीं मिल रही लोकेशन
अशरफ के साले सद्दाम का नाम यहां बिथरी थाने के अलावा बारादरी थाने के रिकॉर्ड में भी दर्ज है। दो मुकदमों में वांछित सद्दाम पर आईजी के स्तर से एक लाख रुपये का इनाम घोषित हो चुका है। टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं। उसने अपने मोबाइल नंबर बंद कर रखे हैं, जिसकी वजह से उसकी तलाश में अड़चन आ रही है।
उसके गुर्गों व करीबियों के नंबरों से लिंक जोड़कर जब तक एसटीएफ उसके करीब पहुंचती है, वह दूसरी जगह निकल जाता है। कुछ दिनों पहले उसकी लोकेशन कर्नाटक में मिली थी पर वह हाथ नहीं आया। चर्चा यह भी है कि जान बचाने के लिए वह सरेंडर की योजना बना रहा है।