प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने त्रिशूल एयरबेस पर करीब बीस मिनट तक भाजपा पदाधिकारियों से बातचीत की। वार्ता के केंद्र में नोटबंदी ही रहा। विपक्ष के बढ़ते शोर और भाजपा की बन रही रणनीति से साफ ही है कि विधानसभा चुनाव के प्रचार युद्ध में नोटबंदी ही छाया रहेगा। प्रधानमंत्री ने भी इस जंग के लिए पदाधिकारियों को टिप्स दिए। उन्होंने सांसद और विधायकों से कहा कि निचले स्तर के कार्यकर्ता तथा पदाधिकारियों को गांवों और मोहल्लों में नोटबंदी और कैशलेस के फायदे बताने के लिए भेजें। आम जन को यह भी संदेश दिया जाए कि नोटबंदी आप लोगों के लिए कितनी फायदेमंद है। बडे़ लोगों के यहां डंप इस रकम से केंद्र सरकार आप सभी का क्या-क्या विकास कराएगी। उनके लिए मकान और रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
भाजपा के स्थानीय पदाधिकारियों को यह पता नहीं था कि पीएम मोदी उन्हें करीब बीस मिनट का समय दे देंगे। जैसे ही पीएम हेलीकाप्टर से उतरे, वैसे ही अधिकारियों ने उनकी अगवानी की। उसके बाद एक लाइन में खड़े भाजपा सांसद सहित सभी पदाधिकारियोें से परिचय किया। वहां से थोड़ी दूर रनवे पर खड़े होकर कुछ भाजपा पदाधिकारियों से पूछा की बरेली में क्या माहौल है। विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में संगठन को और सक्रिय करें। जनता तक केंद्र सरकार की उपलब्धियों को पहुंचाएं।
मोदी ने दिए टिप्स
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक मशीनरी तो अपने स्तर से लोगों को जागरूक कर ही रही है लेकिन भाजपा संगठन की भी जिम्मेदारी है कि वह जनता को बताएं कि वह नोटबंदी के बाद कैशलेस सिस्टम पर आए। देश का भविष्य इसी पर ही टिका है। तहसील, ब्लाक और बूथ स्तर पर कार्यकर्ता लोगों को जानकारी देने को अभी से जुट जाएं। सभी को खाते खुलवाने को प्रेरित करें। आन लाइन खाता खुलवाएं और उनको कैशलेस मार्केटिंग की आदत डालें। जिलाध्यक्ष, शहर अध्यक्ष, सांसद और विधायक भी गांवों में जाकर लोगों को नोटबंदी के फायदे गिनाएं। यह भी बताएं कि कैश में कुछ दिनों की ही दिक्कत हो रही है। नए साल से सब कुछ नया-नया नजर आएगा। गांव और जनता खुशहाल होगी।
इस दौरान बीजेपी के स्थानीय नेताओं ने पीएम को बताया कि बरेली और ब्रज प्रांत की जनता आपके नोटबंदी के फैसले के साथ है। अमीरों का जो काला धन गल रहा है, उसके लिए आम जनता आपकी प्रशंसा कर रही है।
ये लोग मिले पीएम से
भाजपा बजप्रांत अध्यक्ष बीएल वर्मा, सांसद धर्मेंद्र कश्यप, विधायक, धर्मपाल सिंह, राजेश अग्रवाल, अरुण कुमार, जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर, शहर अध्यक्ष उमेश कठेरिया, यतिन भाटिया, राम गोपाल मिश्रा भवानी सिंह, जेके सक्सेना, दुरविजय सिंह शाक्य आदि थे।