2019 से शुरू हुआ अंतरराष्ट्रीय पदकों का सफर
परवीन हुड्डा के अंतरराष्ट्रीय पदक जीतने का सिलसिला वर्ष 2019 से शुरू हुआ। नेपाल के काठमांडू में आयोजित दक्षिण एशियाई खेलों में उन्होंने 60 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। इस प्रदर्शन के बाद अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग में उनकी पहचान मजबूत हुई।
वर्ष 2022 में जॉर्डन के अम्मान में आयोजित एशियाई एमेच्योर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में परवीन ने 63 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया। अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतते हुए उन्होंने भारतीय महिला बॉक्सिंग में अपनी जगह बनाई।
नौकरी के साथ खेल में भी बनाई पहचान
आईटीबीपी में एएसआई के पद पर तैनात परवीन हुड्डा के लिए बॉक्सिंग और सरकारी सेवा साथ-साथ चलती रही हैं। आईटीबीपी की केंद्रीय टीम का हिस्सा होने के कारण उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खेलने का अवसर मिलता है। उप सेनानी मोहित के मुताबिक, परवीन यूनिट की स्ट्रेंथ में हैं और वर्ष 2021 से बुखारा कैंप में तैनात हैं। उनकी उपलब्धि से तृतीय वाहिनी के अधिकारियों और जवानों में उत्साह है।
आईटीबीपी में खुशी का माहौल
परवीन हुड्डा के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने पर तृतीय वाहिनी आईटीबीपी बरेली के अधिकारियों और जवानों ने खुशी जताई है। वाहिनी के पदाधिकारियों ने उनकी उपलब्धि को देश और बल के लिए गौरव का विषय बताया। बरेली में तैनाती के दौरान परवीन ने जहां आईटीबीपी की जिम्मेदारियों का निर्वहन किया, वहीं खेल के मैदान में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल कीं। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक उनकी इसी खेल यात्रा की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हो गया है।