मंडलायुक्त के निर्देश पर महानगर कॉलोनी के उमंग पार्ट टू में निरीक्षण के लिए पहुंची थी टीम
बरेली। महानगर कॉलोनी का कूड़ा उमंग पार्ट टू के सामने एकत्रित करने और इसे जलाने के मामले में मंडलायुक्त के निर्देश पर पहुंची टीम के जाते ही मंगलवार को कूड़े के ढेर में फिर से आग लगा दी गई। इसको लेकर स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई। कहा कि इस लापरवाही के चलते 1600 परिवार दुर्गंध झेल रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने बीते दिनों मंडलायुक्त से शिकायत की थी। कहा कि कॉलोनी में घर-घर कूड़ा लेने का काम रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) कर रही है। घरों से कूड़ा एकत्र करने के बाद वहीं पड़ोस में नकटिया नदी किनारे डंप किया जा रहा है।
मंडलायुक्त के निर्देश पर एसडीएम सदर की तरफ से नायब तहसीलदार विदित कुमार, कानूनगो ओमकार सिंह व लेखपाल अनिल कुमार व योगेंद्र पाल की टीम गठित की गई।मंगलवार को सुबह 11 बजे तहसील की टीम ने मौके पर पहुंचकर आरडब्ल्यूए और कॉलोनी वासियों को बुलाकर स्थिति देखी। नदी किनारे भारी मात्रा में कूड़ा डंप देखकर टीम के लोगों ने संस्था के विरुद्ध नाराजगी भी जताई।
टीम ने संस्था के प्रबंधक व निदेशक को हिदायत दी कि दोबारा नदी किनारे कूड़ा डंप नहीं करेंगे। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने पर जांच अधिकारी ने कड़ी कार्रवाई के लिए चेताया। फिर देर शाम कॉलोनी के मनीष द्विवेदी समेत अन्य लोगों ने बताया कि जांच अधिकारियों के जाने के बाद दिन ढलते ही नदी किनारे पड़े कूड़े में आग लगा दी गई। संवाद
-वर्ष 2022 में संस्था बनाई थी। प्रत्येक घर से 700 रुपये महीना लेते हैं। करीब एक हजार घरों से कूड़ा एकत्र किया जा रहा है। जगह के अभाव में नदी किनारे 20 साल से कूड़ा पड़ रहा है। प्रशासन कूड़ा डंपिंग के लिए जगह नहीं दे रहा है। - हेमंत शर्मा, निदेशक, आरडब्ल्यू
आरडब्ल्यूए संस्था के लोगों ने बताया है कि कूड़ा एकत्र करने के लिए कॉलोनी वासियों से वर्ष में एक करोड़ रुपये मिलते हैं। संस्था के लोग नदी किनारे कूड़ा डंप कर रहे हैं। संस्था के प्रबंधक व निदेशक से कहा है कि नदी किनारे न कूड़ा डालें और न जलाएं, अन्यथा कड़ी कार्रवाई करेंगे। संस्था के लोग कूड़ा डंप करने की जमीन बिल्डर से लें। - विदित कुमार, जांच अधिकारी/नायब तहसीलदार