बरेली। माध्यमिक स्कूलों में काफी समय से बंद चल रही प्रयोगशालाओं में अब प्रयोगात्मक परीक्षाओं की तैयारियां शुरू हो गई हैं। बोर्ड की ओर से प्रयोगात्मक परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी होने के बाद स्कूलों में भी प्रयोगशालाओं के ताले खोलकर साफ-सफाई शुरू करा दी गई है। इसके बाद अलमारियों में बंद उपकरणों को बाहर निकाला जाएगा। सत्र के आठ माह पूरे होने को हैं, अब तक विद्यार्थी प्रयोगशालाओं में रखे संसाधनों से रूबरू भी नहीं हुए हैं। लिहाजा, प्रयोगात्मक परीक्षाओं की तैयारी भी इसी एक माह में कराई जाएगी। पाठ्यक्रम में शामिल प्रयोगात्मक शिक्षण को स्कूलों की ओर से पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया। जिले के अधिकतर स्कूलों का यही हाल है।
-
ये है प्रयोगशालाओं की हकीकत
एसबी इंटर कॉलेज : सत्र के सात माह पूरे होने के बाद प्रयोगशालाएं खुलीं। मंगलवार को रसायन विज्ञान प्रयोगशाला में साफ-सफाई का जिम्मा विद्यार्थियों को दिया गया था। शिक्षक नदारद रहे। जीव विज्ञान प्रयोगशाला में सभी उपकरण अलमारियों में बंद थे। मेज-कुर्सियों पर धूल जमी थी। सहायक अध्यापक विजय पाल गंगवार ने बताया कि जब प्रैक्टिकल शुरू होंगे, तभी संसाधन बाहर निकाले जाएंगे।
एफआर इस्लामिया इंटर कॉलेज : यहां भी काफी समय से किसी लैब में प्रैक्टिकल नहीं कराए गए। सोमवार को लैब में साफ-सफाई चल रही थी। भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान और रसायन विज्ञान तीनों ही लैब में संसाधन अलमारियों में बंद थे। शिक्षक नदीम मुजफ्फर ने बताया कि प्रयोगशालाओं में साफ-सफाई का काम चल रहा है। प्रयोगात्मक परीक्षाओं से पहले सभी प्रयोगशालाएं ठीक करा दी जाएंगी।
राजकीय कन्या इंटर कॉलेज : यहां लैब खुली मिली। शिक्षिका दीक्षा शर्मा छात्राओं को प्रायोगिक ज्ञान दे रही थीं। उन्होंने बताया कि छात्राओं को प्रयोगात्मक परीक्षा की तैयारी कराई जा रही है। भौतिक विज्ञान की शिक्षिका के अवकाश पर होने की वजह से लैब में ताला लगा था। हालांकि लैब बंद होने की वजह से अन्य प्रयोगशालाओं में उपकरणों की स्थिति स्पष्ट नहीं हुई।
वर्जन
सभी स्कूलों में शैक्षिक कैलेंडर के मुताबिक कक्षाओं के संचालन के निर्देश दिए गए हैं। इसमें कोताही बरती गई तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - देवकी सिंह, डीआईओेएस