बरेली। राज्यकर विभाग की निगरानी का असर कहें या व्यापारियों की जागरूकता.. वजह जो भी हो पर इस वर्ष त्योहार के बाद के दो माह नवंबर, दिसंबर में बीते वर्ष के सापेक्ष करीब 14 हजार ज्यादा ई-वे बिल जारी हुए। वर्ष 2023 नवंबर में 77,809, दिसंबर में 76,957 ई-वे बिल के सापेक्ष वर्ष 2024 में क्रमवार 83,999 और 78,162 ई-वे बिल जारी हुए हैं। प्रदेश के सापेक्ष बरेली जोन का ग्रोथ रेट 13 फीसदी रहा।
राज्यकर अपर आयुक्त ग्रेड-1 दिनेश कुमार मिश्र के मुताबिक 50 हजार रुपये से ज्यादा मूल्य के माल की आवाजाही के लिए ई-वे बिल जरूरी है। यह अर्थव्यवस्था में मांग और आपूर्ति के रुझान का शुरुआती संकेत होता है। ई-वे बिलों में तेजी आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि का संकेत है। खासकर त्योहारों में बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए विनिर्माण क्षेत्र में तेजी आती है। ई-वे बिलों में वृद्धि अच्छे कारोबार को दर्शाती है।
13 फीसदी रहा बरेली जोन का ग्रोथ रेट
चालू वित्तीय वर्ष में प्रदेश के सापेक्ष बरेली जोन में शामिल चार जिलों बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, पीलीभीत का ग्रोथ रेट भी बढ़ा है। प्रदेश की स्थिति 11 से 12 फीसदी के बीच रही, जबकि बरेली जोन की 13 फीसदी है। वहीं, प्रदेश की जीएसटी ग्रोथ रेट एक फीसदी के सापेक्ष बरेली जोन की 10.67 फीसदी है। आगे भी यह बढ़त बरकरार रहने की उम्मीद है। अमर उजाला ब्यूरो
ई-वे बिल की तादाद में बढ़त से जाहिर है कि बरेली जोन के उद्यमी और व्यापारी जागरूक हैं। कुछ कारोबारी नियमों का अनुपालन नहीं कर रहे हैं। उनको चिह्नित किया जा रहा है। उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - दिनेश कुमार मिश्र, अपर आयुक्त ग्रेड-1, राज्यकर