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आर्यपुत्री कालेज में लगी पुलिस की पाठशाला

Sun, 31 Jan 2016 01:32 AM IST
बरेली
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बरेली। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सुभाषनगर के आर्यपुत्री बालिका इंटर कॉलेज में शनिवार को आयोजित पुलिस की पाठशाला में क्षेत्राधिकारी द्वितीय स्नेहलता ने छात्राओं को पुलिसिंग से रूबरू कराते हुए सुरक्षा के उपाय बताए। कानून की जानकारियां भी दीं। सीओ ने छात्राओं से कहा कि घर या बाहर कहीं भी शोषण होने पर वह कानून का सहारा लेने से हिचकिचाएं नहीं। उन्होंने पास्को एक्ट के प्रावधानों और घरेलू हिंसा के खिलाफ बने कानून से भी छात्राओं को अवगत कराया। समझाया कि घर से बाहर कोई भी बात होने पर माता-पिता को जरूर बताएं। फोन पर बिना वजह किसी से बात भी न करें। जिन लोगों से भी फोन पर बात करती हों, उसकी जानकारी माता-पिता को जरूर होनी चाहिए। सीओ ने छात्राओं को समझाया कि निकटतम लोगों पर भी पूरी तरह से विश्वास न करें। हर किसी से एक दूरी जरूर बनाए रखें। बोलीं, बाहर निकलने पर कोई छेड़छाड़ की कोशिश करे या अप्रिय स्थिति महसूस करें तो मोबाइल से महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 डायल करें। कानून पूरी तरह से पीड़ित के साथ है, इसलिए निडर होकर रहें।
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पाठशाला में सुभाषनगर चौकी प्रभारी शर्मिला शर्मा ने छात्राओं से कहा कि वह खुद को इरादों से मजबूत बनाकर अपराध और अपराधियों से लड़ सकती हैं। शोषण को बदनामी के डर से दबाए नहीं रखना चाहिए, इससे समस्याएं और बढ़ती हैं और अपराधियों के हौसले बुलंद हो जाते हैं। सुभाषनगर थाना के उपनिरीक्षक जावेद खान ने छात्राओं को बताया कि महिला अपराधों के खिलाफ कड़े कानून बने हैं, इसलिए कानून की मदद लेने में संकोच नहीं करना चाहिए। विद्यालय की प्रिंसिपल डॉ. मिथलेश भदौरिया ने छात्राओं को सोशल मीडिया के उपयोग में सावधानी बरतने की नसीहत दी। कहा कि फेसबुक पर सिर्फ उनको ही फ्रेंड्स बनाएं, जिन्हें व्यक्तिगत रूप से जानती हों। इसी तरह व्हाट्सएप पर किसी भी अंजान व्यक्ति से चैट न करें। संचालन शिक्षिका वंदना मल्होत्रा ने किया।
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ये टिप्स दिए
-माता-पिता के अलावा किसी को अच्छा मित्र न समझें। उनसे हर बात शेयर करें।
-किसी भी बाहरी या रिश्तेदार पर बेहिचक विश्वास न करें।
-शोषण के खिलाफ मुखर बनें। किसी भी अपराध को छुपाएं नहीं। कानून का सहारा तत्काल लें।
-बाहर निकलने में कोई समस्या हो तो महिला हेल्प लाइन नंबर 1090 डायल कर तत्काल हेल्प लें।
-फोन पर हर किसी से बात न करें। किसी से भी बेवजह बात करने से बचें। फोन पर किससे बात करती हैं, यह माता-पिता को मालूम जरूर होना चाहिए।
-फेसबुक और व्हाट्एप पर किसी भी अंजान से न जुड़ें।
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