थाना भमौरा के कुशारी गांव के रहने वाले यतेंद्र कुमार की बुलेरो मंडलायुक्त ऑफिस के सामने पीडब्ल्यूडी परिसर में खड़ी थी। घटना के दिन बरसात हो रही थी। यतेंद्र कुमार की कार पीडब्ल्यूडी में ही संविदा पर चलती थी। यतेंद्र जैसे की बरसात से बचने के लिए ऑफिस में गया, पीड्ब्ल्यूडी के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सुशील कुमार श्रीवास्तव का बेटा आदेश कुमार अपने दोस्त राजवीर सिंह की मदद से बुलेरो चोरी कर ले गया। आदेश का परिवार सीबीगंज की बीडीए कॉलोनी में रहता है। इसलिए उसने वहीं स्टैंड पर कार खड़ी कर दी और उसे बेचने के लिए ग्राहक तलाशना शुरू कर दिया। आदेश ने कार बेचने के लिए एसटीएफ के एक मुखबिर से भी संपर्क कर लिया। एसटीएफ की टीम ग्राहक बनकर सीबीगंज गई और आदेश को कार समेत ले आई। इससे शोर मच गया कि आदेश अगवा हो गया है। एसटीएफ ने आदेश से पूछताछ की तो पता चला कि उसने कार कोतवाली इलाके से चुराई थी। इसके सात महीने पहले वह चाबी भी चुरा चुका था। उस पर एक लाख रुपये कर्ज हो गया था। वह इसलिए उसे बेचना चाहता था। कार में मिली पर्ची पर एसटीएफ को यतेंद्र का नंबर मिल गया। उसने फोन करने पर बुलेरो चोरी की सारी कहानी बताई और उसे पहचान लिया। जानकारी मिलने पर एसटीएफ ने इंस्पेक्टर कोतवाली से संपर्क करके कार वहीं दाखिल कर दी। इंस्पेक्टर शक्ति सिंह ने बताया कि आदेश के साथी को पकड़ने की कोशिश की जा रही है। जल्द ही उसे भी पकड़ लिया जाएगा।