जिनकी थी जिम्मेदारी, छूट गए वे अधिकारी
हल्द्वानी, बदायूं और मुरादाबाद मार्ग पर चलने वाली बसों की चेकिंग और पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी एआरएम बरेली पर है। शाहजहांपुर, बीसलपुर, पीलीभीत मार्ग पर संचालित बसों के चेकिंग की जिम्मेदारी एआरएम रुहेलखंड डिपो पर है। मामले में हल्द्वानी मार्ग के उन अधिकारियों पर कार्रवाई की कोई आंच नहीं आई, जिनके पास नियमित चेकिंग की जिम्मेदारी थी।
ये हैं आरोप
परिवहन निगम के मुख्यालय ने बिना टिकट सफर कराने को भ्रष्टाचार का गंभीर मामला माना है। निलंबन आदेश में अधीनस्थ पर नियंत्रण न रखने, मार्ग पर चेकिंग कराने में लापरवाही बरतने और परिवहन निगम को वित्तीय क्षति पहुंचाने के आरोप एआरएम राजेश कुमार पर लगाए गए हैं। यह भी कहा गया है कि मुख्यालय से जो आदेश मिल रहे थे, एआरएम ने उन्हें गंभीरता से नहीं लिया।