एक्यूआई - वायु गुणवत्ता
0-50 - अच्छा
51-100 - संतोषजनक
101-200 - मध्यम
201-300 - खराब
301-400 - खतरनाक
401-500 - गंभीर श्रेणी
पीएम-10 बढ़ने से आंखों में हो रही जलन
पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) यानी छोटे धूलकण को माइक्रोमीटर या माइक्रोन में मापा जाता है। वर्तमान में शहर में पीएम-10 छह सौ के करीब है। इस वजह से बाइक चलाते समय आंखों में जलन या आंसू आने की समस्या पैदा हो रही है।
ये बरतें सावधानी
- कचरा नहीं जलाएं, पर्दे और घर की सफाई करते हुए मास्क लगाएं।
- घर के बाहर निकलने पर मास्क लगाएं, धूल-धुएं व प्रदूषण से बचें।
- रोगी नियमित रूप से दवा लें, डॉक्टर की सलाह भी लेते रहें।
मेडिकल कॉलेज में बढ़े सांस के मरीज
बदलते मौसम में प्रदूषण के बढ़ने से लोगों को सांस से संबंधित समस्या होने लगी है। राजकीय मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एमएल अग्रवाल बताते हैं, मेडिसिन विभाग की ओपीडी में आने वाले 200 मरीजों में 20 सांस के मर्ज से पीड़ित आ रहे हैं। पहले चार-पांच मरीज आते थे।
फेफड़ों में धूल के कण जाने से एलर्जी व संक्रमण होता है। साथ ही निमोनिया होने का खतरा भी रहता है। टीबी एवं चेस्ट रोग की विभागाध्यक्ष डॉ. अंकिता वर्मा ने बताया कि सांस के रोगियों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। मौसम बदलने के बाद से ओपीडी में उनके पास 125 मरीज आ रहे हैं। इनमें 80 सांस के रोग से संबंधित होते हैं।