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आत्मनिर्भर बनें लड़कियां, खुद को करें मजबूत, पाएं अपनी मंजिल

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आत्मनिर्भर बनें लड़कियां, खुद को करें मजबूत, पाएं अपनी मंजिल - फोटो : अमर उजाला, बरेली
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आरवी इंटर कॉलेज में हुआ अपराजिता अभियान के तहत कार्यक्रम

एसडीएम और सीओ ने छात्राओं को किया जागरूक

वजीरगंज (बदायूं)। आज लड़कियां किसी मायने में लड़कों से कम नहीं हैं। वे हर क्षेत्र में लड़कों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही है। घर से निकलने से लेकर लौटने तक वह तमाम अच्छी बुरी बातों का सामना करती हैं, ऐसे में उन्हें मजबूत होना होगा। वे मजबूत होंगी तो आसानी से अपनी मंजिल पा सकेंगी। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता-100 मिलियन इस्माइल्स के तहत वजीरगंज के आरवी इंटर कॉलेज में महिला सुरक्षा विषय पर आयोजित कार्यशाला में छात्राओं से यही आह्वान किया गया कि वे मजबूत बनें और अपनी सुरक्षा खुद करें।
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शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में एसडीएम बिसौली किशोर गुप्ता ने कहा कि आज की महिलाएं और छात्राएं किसी के कम नहीं हैं। वे पुरुषों से दो कदम आगे चल रहीं हैं, लेकिन इसे बनाए रखने के लिए उन्हें शिक्षा, समाज आदि हर क्षेत्र में आगे रहना होगा। सीओ बिसौली सर्वेंद्र सिंह ने कहा कि छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ शरीर से भी मजबूत होना पड़ेगा। उन्हें कानूनी जानकारी भी रखनी होगी, ताकि जब वो अकेली घर से निकलें तो खुद को असुरक्षित न समझें। अगर जरूरत पड़ जाए तो खुद मुकाबला कर सकें। बोले- पुलिस महिलाओं को जागरूक करने के कार्यक्रम चला रही है। महिलाओं की मदद को हेल्पलाइन नंबर दिए गए हैं।
खुसरो डिग्री कॉलेज सरौरी के प्रधानाचार्य डॉ. कुलदीप सिंह ने भी छात्राओं को आत्मनिर्भर और निर्भीक बनने की जरूरत बताई। कार्यक्रम में आरवी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य नेम चंद्र मिश्रा, इंस्पेक्टर संजय कुमार सिंह, गौरव मिश्रा, चंचल सिंह, जावित्री देवी, संध्या मिश्रा, शिवांगी, साक्षी माहेश्वरी, दीपाली वार्ष्णेय आदि मौजूद रहे।
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-भारतीय संविधान में महिलाओं को भले ही पुरुषों के बराबर का दर्जा दिया गया है, लेकिन आज के माहौल में महिलाएं उसका लाभ नहीं ले पा रही हैं। उनमें जागरूकता का अभाव है। अब महिलाओं को जागरूक होने की जरूरत है।
वर्तिका शर्मा

-हमारा समाज जितना आगे बढ़ रहा है, उतने ही मामले दहेज उत्पीड़न, कन्या भ्रूण हत्या और महिलाओं पर अत्याचार के सामने आ रहे हैं। समाज से ऐसी मानसिकता को जड़ से खत्म करना होगा।
स्वाति सिंह

-हमारे समाज में नारी को पूजनीय माना गया है। उसे मातृशक्ति कहा जाता है इसके बावजूद समाज के घृणित लोग महिलाओं पर अत्याचार करते हैं। उनके साथ मारपीट करते हैं। जब तक लोग नारी शक्ति को नहीं पहचानेंगे, तब तक नारी के साथ ऐसा ही होता रहेगा।
रीता यादव

-आज महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस की ओर से भी कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। ऐसे में महिलाओं को डरने की जरूरत नहीं हैं। उन्हें हर परिस्थिति का डटकर मुकाबला करना चाहिए।
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दीक्षा पाठक
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