लोगो और फोटो के साथ लगाएं वर्चुअल वर्ल्ड ज्ञान का भंडार, पर संभलकर करें इसका इस्तेमाल
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अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत बीबीएल में हुई वाद-विवाद प्रतियोगिता
बरेली। आभासी दुनिया ज्ञान का भंडार है। दुनिया भर की जानकारी हमें फेसबुक और व्हाट्सएप के जरिये मिल जाती है, लेकिन कई बार यह दुनिया घातक भी साबित होती है, खासतौर से युवाओं के लिए। दुनिया भर में बढ़ रहे साइबर अपराध इसका उदाहरण हैं। सबसे ज्यादा लड़कियां ही इसका शिकार हो रही हैं। अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत शनिवार को बीबीएल अलखनाथ ब्रांच पर ‘सोशल मीडिया का युवाओं पर प्रभाव’ विषय पर आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने खुलकर अपनी बात रखी। पक्ष और विपक्ष से यही निचोड़ निकला कि साइबर वर्ल्ड जानकारियों का तो भंडार है, लेकिन यहां भटके तो मुसीबत भी बन सकता है।
पक्ष में बोलते हुए पहला स्थान हासिल करने वाली आकृति अग्रवाल ने कहा कि भारत में 70 करोड़ लोग फोन चलाते हैं, जिसमें 16 करोड़ व्हाट्सएप भी यूज करते हैं। सोशल मीडिया से जानकारी हासिल करने के लिए नए रास्ते खोले हैं, लेकिन इन रास्तों में संभलकर चलना होगा। दूसरा और तीसरा स्थान हासिल करने वाली गुंजन गर्ग व कौशकी रोहिला ने दुनिया भर में हुई क्रांति के साथ सामाजिक सोच बदलने में सोशल मीडिया की अहम भूमिका बताई।
विपक्ष में बोलते हुए संपदा भारद्वाज प्रथम, संकल्प खंडेलवाल दूसरे और देवाशीष तीसरे स्थान पर रहे। उन्होंने पिछले दिनों फेसबुक से डाटा लीक, व्हाटसएप यूजर्स की जासूसी समेत कई मुद्दे उठाए। उनका कहना था कि सोशल मीडिया से इतने सॉफ्टवेयर जुड़ गए हैं जो आपकी पल-पल की जानकारी दूसरों तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने दुनिया की कुछ हस्तियों का जिक्र किया और कहा कि सोशल मीडिया को कामयाबी पाने का जरिया नहीं मान सकते। आज भी कई लोग सोशल मीडिया से दूर हैं और कामयाबी की बुलंदी छू रहे हैं। प्रधानाचार्य दीपक अग्रवाल ने विजेताओं को अमर उजाला की तरफ से सर्टिफिकेट प्रदान किए। आखिर में उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया से जानकारी तो हासिल करें, पर अपनी निजी जानकारियां शेयर करने से बचें। बताया कि दुनिया में 450 फीसदी से ज्यादा साइबर अपराध बढ़े हैं।